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महराजगंज: जनपद में प्रदूषण की रोकथाम के लिए पराली जलाने पर रोक लगाई गई। जिले में ऐसे दस किसानों का चयन किया गया जिनके पास पराली बनाने के अनुभव थे।
इस योजना में जिले में केवल चार किसान राकेश पटेल श्यामदेउरवा, घनश्याम पटेल सिंदुरिया, मनीष प्रजापति निचलौल, जर्नादन पटेल मिठौरा को शामिल किया गया।
डाइनामाइट न्यूज़ संवाददाता के अनुसार सरकार की तरफ से इन्हें पराली बनाने के संयंत्र उपलब्ध कराए गए। पराली को सीबीजी प्लांट धुरियापार गोरखपुर को बेचने का अनुबंध भी हो गया।
अब तक इन किसानों ने करीब 900 क्विंटल पराली बनाई जिसमें से मात्र 300 क्विंटल की खरीद धुरियापार प्लांट द्वारा की गई। शेष 600 क्विंटल पराली अभी भी इन किसानों के पास डंप पड़ी है धुरियापार प्लांट दो माह से बंद है।
रामचंद्रदास किसान प्रोडयूसर कंपनी लिमिटेड के डायरेक्टर जनार्दन पटेल ने 5 मई को जिलाधिकारी महराजगंज को अवगत भी कराया है। डीएम को अवगत कराने के एक सप्ताह बाद भी समस्या जस की तस बनी हुई है।
पराली खराब होने और पूंजी डूबने के भय से अब किसानों के माथे पर चिंता की लकीरें साफ दिखाई दे रही हैं। बहरहाल जिले की यह महत्वाकांक्षी योजना आज दम तोड़ने के कगार पर पहुंच गई है।
Published : 14 June 2024, 3:05 PM IST
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