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नयी दिल्ली: उच्चतम न्यायालय ने बिलकिस बानो मामले की सुनवाई के लिए सहमति व्यक्त करते हुए मंगलवार को कहा कि इसके लिए वह शीघ्र एक विशेष पीठ गठित करेगा।
मुख्य न्यायाधीश डी. वाई. चद्रचूड़ की अध्यक्षता वाली पीठ ने बिलकिस के अधिवक्ता शोभा गुप्ता की गुहार पर सुनवाई के लिए सहमति व्यक्त की। अधिवक्ता ने विशेष उल्लेख के दौरान इस मामले पर शीघ्र सुनवाई की गुहार लगाई थी।
बिलकिस बानो ने सामूहिक दुष्कर्म के 11 दोषियों की रिहाई या समय से पहले रिहाई को शीर्ष अदालत में चुनौती देते हुए एक रिट याचिका दायर की थी।गुजरात सरकार ने उम्रकैद की सजा काट रहे 11 दोषियों को 15 अगस्त को रिहा कर दिया था। सरकार ने सभी 11 आजीवन दोषियों को वर्ष 2008 में उनकी सजा के समय गुजरात में प्रचलित छूट नीति के अनुसार रिहा किया था।
गुजरात में वर्ष 2002 के दंगों के दौरान बिलकिस बानो के साथ कथित तौर पर सामूहिक दुष्कर्म किया गया था और उसकी तीन साल की बेटी सहित उसके परिवार के 14 सदस्यों के साथ मरने के लिए छोड़ दिया गया था।
वडोदरा में जब दंगाइयों ने बिलकिस बानो के परिवार पर हमला किया तब वह पांच महीने की गर्भवती थी।शीर्ष अदालत ने 13 दिसंबर को बिल्किस की पुनर्विचार याचिका खारिज कर दी थी।सर्वोच्च अदालत ने याचिका खारिज करते हुए कहा था, " हमारी राय में 13 मई, 2022 के फैसले में कोई त्रुटि दिखाई नहीं देती, जिसके चलते समीक्षा की जा सके। (वार्ता)
Published : 7 February 2023, 5:30 PM IST
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