
कुशीनगर: चर्चित मदनी मस्जिद प्रकरण में सुप्रीम कोर्ट से स्टे मिलने के बाद प्रशासन की कार्रवाई सवालों के घेरे में आ गई है। मस्जिद के पक्षकारों ने प्रशासनिक एक्शन को गलत बताते हुए सुप्रीम कोर्ट में याचिका दाखिल कर न्याय की गुहार लगाई थी।
आरोप लगाया है कि बिना विधिक प्रक्रिया अपनाए ही प्रशासन द्वारा एकतरफा कार्रवाई कर मस्जिद गिरा दी गई। यह कदम तब उठाया गया है जब धर्मस्थलों के स्वरूप परिवर्तन पर देश के सर्वोच्च न्यायालय ने रोक लगा रखी है। पक्षकारों के आरोपों को कोर्ट ने भी तथ्यपूर्ण एवं मस्जिद गिराने के निर्णय को अपने आदेश का उल्लंघन माना है।
अवमानना नोटिस जारी
शीर्ष अदालत ने सोमवार को प्रदेश के अधिकारियों को इस बात का जवाब देने का निर्देश दिया कि उनके विरुद्ध अवमानना की कार्रवाई क्यों न शुरू की जाए। यही कारण है कि प्रशासन पर गंभीर टिप्पणी करते हुए जिलाधिकारी के विरुद्ध अवमानना नोटिस जारी कर जवाब मांगा है।
Published : 17 February 2025, 10:06 PM IST
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