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नई दिल्ली: सुप्रीम कोर्ट ने सोमवार को ताजमहल का इतिहास बताने की मांग करने वाली एक जनहित याचिका पर सुनवाई से इनकार कर दिया है। शीर्ष अदालत ने इस याचिका का प्रचार का हथकंडा बताते हुए याचिकाकर्ता को याचिका वापस लेने की इजाजत दे दी है। याचिका में ताजमहल के निर्माण के बारे में अब तक गलत जानकारी दिए जाने का दावा किया गया था, जिस पर सुनवाई से शीर्ष अदालत ने मना कर दिया।
सुप्रीम कोर्ट ने याचिकाकर्ता से कहा कि आप पुरातत्व विभाग से बात करिए, यहां क्यों आए हैं? वकील वरूण सिन्हा ने कहा कि हम पुरातत्व विभाग के पास भी गए। लेकिन ताजमहल के इतिहास को लेकर कोई स्पष्ट नहीं है। याचिका में दावा किया गया था कि ताजमहल को शाहजहां ने ही बनवाया था, इसके कोई वैज्ञानिक सबूत नहीं है।
याचिकाकर्ता का कहना है कि यह राजा मानसिंह का महल था। इसकी हकीकत सामने आनी चाहिए। सुप्रीम कोर्ट ने कहा कि आप तय करेंगे कि तथ्य गलत हैं। आप सरकार के सामने जाकर रिप्रेंजेनटेशन दें।
सुप्रीम कोर्ट ने याचिकाकर्ता से कहा कि आप पुरातत्व विभाग के पास जाएं। इसके बाद याचिका पर सुप्रीम कोर्ट ने सुनवाई से इनकार कर दिया। साथ ही याचिका वापस लेने की इजाजत दे दी।
Published : 5 December 2022, 1:27 PM IST
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