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नई दिल्ली: दिल्ली-एनसीआर की प्रमुख रियल्टी कंपनी सुपरटेक लिमिटेड को सुप्रीम कोर्ट से बड़ा झटका लगा है। देश की शीर्ष अदालत ने मंगलवार को नोएडा में सुपरटेक के एमराल्ड कोर्ट परियोजना में 40 मंजिला दो टावरों को ध्वस्त करने का आदेश दिया है। सुपरटेक को नियमों के उल्लंघन करने के चलते इन टावरों को गिराने का निर्देश दिया गया।
सुप्रीम कोर्ट ने उस याचिका पर मंगलवार को अपना फैसला सुनाया, जिसमें नोएडा 40 मंजिला दो टावरों को ध्वस्त करने संबंधी इलाहाबाद हाई कोर्ट के आदेश को चुनौती दी गई थी। सुप्रीम कोर्ट ने इलाहाबाद हाई कोर्ट के आदेश पर मुहर लगाते हुए यह निर्देश दिया।
सुप्रीम कोर्ट ने अपनी टिप्पणी में कहा है कि यह अवैध निर्माण नोएडा प्राधिकरण और सुपरटेक के अधिकारियों के बीच मिलीभगत का परिणाम है। सुप्रीम कोर्ट ने नोएडा प्राधिकरण, योजनाकारों और बिल्डर सुपरटेक के बीच मिलीभगत को गंभीरता से लिया।
सुप्रीम कोर्ट ने सुपरटेक को नोएडा के दोनों टावर के सभी फ्लैट मालिकों को 12 प्रतिशत ब्याज के साथ क्षतिपूर्ति देने का भी आदेश दिया है।
Published : 31 August 2021, 1:01 PM IST
Topics : Supertech Supreme Court अवैध टावर इलाहाबाद हाई कोर्ट एमराल्ड कोर्ट परियोजना सुपरटेक सुप्रीम कोर्ट