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इलेक्ट्रॉनिक्स और सूचना प्रौद्योगिकी मंत्री राजीव चंद्रशेखर ने प्रस्तावित डिजिटल इंडिया अधिनियम पर पहली बार बैठक की। पढ़ें पूरी रिपोर्ट डाइनामाइट न्यूज़ पर
नयी दिल्ली: इलेक्ट्रॉनिक्स और सूचना प्रौद्योगिकी मंत्री राजीव चंद्रशेखर ने प्रस्तावित डिजिटल इंडिया अधिनियम पर पहली बार बैठक की।
उन्होंने इस दौरान जासूसी चश्मे व पहनने वाले अन्य उपकरणों द्वारा जानकारी जुटाने से संबंधित मुद्दों से निपटने के लिए संबंधित नियमों पर चर्चा भी की।
डाइनामाइट न्यूज़ संवाददाता के अनुसार मंत्री ने बेंगलुरु में पहली बैठक के बाद वीडियो कॉन्फ्रेंस के जरिए दिए साक्षात्कार में बताया कि डिजिटल इंडिया अधिनियम का मसौदा संबंधित लोगों से और दो चरणों की बातचीत के बाद तैयार होगा।
उन्होंने कहा कि मसौदा अप्रैल में आ सकता है और संसद में अंतिम मंजूरी के लिए पेश किए जाने से पहले लगभग 45-60 दिनों के लिए इसे सार्वजनिक विमर्श के अन्य चरणों से भी गुजरना होगा।
चंद्रशेखर ने कहा, “हमने पहली बार इस कानून की प्रमुख संरचना के संबंध में परामर्श किया है। इस चर्चा के आधार पर मसौदा तैयार होगा। मसौदे पर 45 से 60 दिनों तक व्यापक रूप से विचार-विमर्श किया जाएगा।”
ऐसे में मसौदा विधेयक जुलाई में संसद में रखे जाने के लिए तैयार हो सकता है।
मंत्री ने कहा कि उन्हें इस साल इस संबंध में कानून बनने की उम्मीद है।
चंद्रशेखर ने कहा, “ऐसे समय में, जब तकनीक इतनी तेजी से बाधित कर रही है... एआई (क्रत्रिम मेधा) है, एआई कंप्यूट है, ब्लॉकचेन है, सभी प्रकार के बड़े विघटनकारी परिवर्तन हो रहे हैं। ऐसे वक्त में यह कानून लाया गया है। इसलिए इस कानून को भविष्य के लिए तैयार और सुरक्षित होना चाहिए।”
डिजिटल इंडिया अधिनियम (डीआईए) में मंत्री ने जासूसी कैमरा चश्मा और अन्य पहनने वाले उपकरणों के लिए कड़े नियमन को अनिवार्य करने पर हितधारक के विचार मांगे। उन्होंने इन उत्पादों की खुदरा बिक्री के लिए उचित कानूनी प्रावधानों के साथ सख्त केवाईसी (अपने ग्राहक को जानें) आवश्यकताओं की बात भी कही।
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