यूपी में आखिर क्यों आत्महत्या कर रहे हैं पुलिस कर्मी.. एक और दरोगा ने खुद को पिस्टल से उड़ाया

डीएन संवाददाता

उत्तर प्रदेश में पुलिस कर्मियों द्वारा आत्महत्या करने के मामले बढ़ते जा रहे हैं। क्या ड्यूटी का तनाव या अन्य तरह की परेशानियों के कारण वह ऐसा आत्मघाती कदम उठा रहा हैं। पढ़ें डाइनामाइट न्यूज की एक्सक्लूसिव रिपोर्ट..

एसआई विकास सिंह ( फाइल फोटो)
एसआई विकास सिंह ( फाइल फोटो)

लखनऊ/सिद्धार्थनगर: उत्तर प्रदश में पुलिस कर्मियों द्वारा आत्महत्या के मामले लगातार बढ़ते जा रहे हैं। इसी साल अकेले यूपी में ही अब तक ऐसे चार से अधिक ऐसे मामले सामने आ चुके है। पुलिस कर्मियों द्वारा की जा रही आत्महत्या कई मायनों में काफी चिंताजनक और चिंतनीय है। अक्सर माना जाता है कि पुलि वाले लंबी ड्यूटी, तनाव, अधिकारियों का दबाव समेत तमाम तरह के कारणों के चलते पुलिस वाले इस तरह के कदम उठाते है। 

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पुलिस कर्मियों द्वारा आत्महत्या के बढ़ते मामलें में एक और नया केस जुड़ गया है। सोमवार को यूपी के सिद्धार्थनगर जिले के गोल्‍हौरा थाने में तैनात एक दरोगा विकास सिंह ने खुद को अपनी पिस्टल से गोली मारकर आत्महत्या कर ली। इस मामले से पूरे विभाग में हड़कंप मच गया है।   पुलिस मामले की जांच कर रही है।

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जानकारी के मुताबिक आत्महत्या करने वाला दारोगा विकास सिंह तैनात को वीआईपी ड्यूटी में लगाया गया था। उन्होंने गोरखपुर के खोराबार स्थित मोहल्ला विवेकपुरम में अपने घर पर खुद की पिस्टल से गोली मारी और मौत के आगोश में समा गये।  इससे पहले भी यूपी में इस तरह के मामले सामने आ चुके हैं।

यूपी में पुलिस कर्मियों द्वारा की गयी आत्महत्या

रामरतन वर्मा आत्महत्या केस

उत्तर प्रदेश की राजधानी लखनऊ में 9 जून 2018 को शनिवार के दिन एक पुलिस कर्मी रामरतन वर्मा (55) ने अपनी सर्विस बंदूक से खुद को गोली मारकर आत्महत्या कर ली थी। रामरतन वर्मा (55) पुत्र देवनाथ वर्मा हरदोई जिले में यूपी 100 में एचसीपी के पद पर तैनात थे। वह लखनऊ के आलमबाग थाना क्षेत्र स्थित लोको चौराहे के पास जीआरपी बैरक में रहते थे।

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जब एएसपी राजेश साहनी की आत्महत्या से हिली पूरी यूपी पुलिस 

उत्तर प्रदेश की एटीएस (एंटी टेररिस्ट स्कॉवड) के तेज-तर्रार अफसर एएसपी राजेश साहनी ने 29 मई 2018 (मंगलवार) को अपने कार्यालय में ही खुद को गोली मार आत्महत्या कर ली थी। बता दें कि एएसपी राजेश लखनऊ के गोमती नगर स्थित एटीएस मुख्यालय में तैनात थे। राजेश 1992 में पुलिस सेवा में आए थे। वह 2013 में अपर पुलिस अधीक्षक के पद पर प्रमोट हुए थे। उनको एटीएस के तेज तर्रार अधिकारियों में गिना जाता था। सीबीआई इस मामले की जांच कर रही है। इस मामले में पूरे यूपी पुलिस के हिलाकर रख दिया था।

सिपाही ने फांसी लगाकर दी जान 

अयोध्या के थाना राम जन्मभूमि क्षेत्र के हनुमानगढ़ी मंदिर परिसर के पीछे स्थित एक आश्रम में फांसी लगाकर सिपाही नीरज कुमार (25) पुत्र राजपाल ने आत्महत्या कर ली थी। वह फैजाबाद जनपद के कुमारगंज थाने में तैनात था। वह 2016 बैच में पुलिस में भर्ती हुआ था। आत्महत्या का यह मामला 9 दिसम्बर 2017 का है। 

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