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अयोध्या: अयोध्या में भगवान राम का उनके जन्मस्थान पर करीब 500 सालों के बाद पहली बार भव्य जन्मोत्सव मनाया जा रहा है।
वर्षों के संघर्ष और लंबी कानूनी लड़ाई के बाद 2019 में सुप्रीम कोर्ट ने रामलला को उनके जन्मस्थान पर अधिकार दिया। इसके बाद प्रभु रामलला के दिव्य धाम का निर्माण शुरू किया गया।
आज प्रभु श्रीराम का जन्मोत्सव उनके धाम में भव्य और दिव्य तरीके से मनाया जा रहा है। राममंदिर में काफी समय पहले से ही रामनवमी की तैयारियां शुरू कर दी गई
डाइनामाइट न्यूज़ संवाददाता के मुताबिक ठीक 12:16 मिनट पर रामलला के मस्तक का सूर्य अभिषेक हुआ। घंटों और घड़ियाल की ध्वनि और जय श्रीराम के जयघोष के बीच प्रभु रामलला की आरती उतारी गई रामनवमी के दिन भक्तों में गजब का उल्लास दिखा।
अयोध्या नगरी और संसार के सभी राम भक्त एक अद्भुत क्षण के साक्षी बने।
रामलला के जन्मोत्सव को लेकर सभी मठ-मंदिरों में बधाई गीत गाये जा रहे है। श्रद्धालुओं का कहना है कि इस बार का जन्मोत्सव बेहद खास है, क्योंकि हमारे आराध्य अपने भव्य और दिव्य मंदिर में विराजमान है।
प्रभु रामलला के भक्तों का कहना है कि इस खुशी को शब्दों में बयां नहीं किया जा सकता।
जन्मोत्सव पर प्रभु रामलला सूर्य की किरणों से दमकते रहे। सूर्यवंशी भगवान राम के ललाट पर जैसे ही सूर्य की किरणें पहुंची, रामलला की आभा दमकने लगी।
ऐसे लगा मानो सूर्य प्रभु श्री राम को जन्मोत्सव के मौके पर नमस्कार कर रहे हों।
पीएम नरेंद्र मोदी ने दी रामनवमी की बधाई
पीएम नरेंद्र मोदी ने रामनवमी के मौके पर देशवासियों को बधाई दी है। पीएम ने कहा कि शताब्दियों की प्रतीक्षा के बाद हमारे रामलला दिव्य राम मंदिर में विराजमान हो चुके हैं। अयोध्या एक अप्रतिम आनंद में है।
इस तरह रामनवमी मनाने का सौभाग्य हमें पांच शताब्दियों की प्रतीक्षा के बाद मिला है। यह देशवासियों की कठिन तपस्या, संघर्ष और साधना का परिणाम है। प्रभु श्रीराम हमारे रोम-रोम में बसे हैं।
सीएम योगी ने दी रामनवमी की बधाई
यूपी के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने रामनवमी के पावन मौके पर प्रदेश और देशवासियों को बधाई दी है।
प्रभु श्रीराम के धाम में शताब्दियों की प्रतीक्षा के बाद भव्य मंदिर के निर्माण के बाद रामनवमी के आयोजन का भी जिक्र किया है।
Published : 17 April 2024, 3:39 PM IST
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