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सरकार ने शुक्रवार को संसद में कहा कि असम के सिलचर हवाई अड्डे पर गुरुवार को तृणमूल कांग्रेस के प्रतिनिधिमंडल को खुफिया जानकारी के आधार पर रोका गया। सरकार की तरफ से गृह मंत्री राजनाथ सिंह ने कहा कि प्रतिनिधिमंडल के साथ दुर्व्यवहार के आरोप बेबुनियाद है। पूरी खबर..
नई दिल्ली: असम के सिलचर हवाई अड्डे पर गुरुवार को तृणमूल कांग्रेस के प्रतिनिधिमंडल को हिरासत में रखे जाने के मद्दे पर लोकसभा में सफाई देते हुए गृहमंत्री राजनाथ सिंह ने कहा कि खुफिया जानकारी के आधार पर ही 6 सदस्यों को रोका गया। गृह मंत्री ने तृणमूल सदस्य कल्याण बनर्जी के आरोपों को भी खारिज करते हुए कहा कि पार्टी के छह सांसदों और पश्चिम बंगाल के कुछ मंत्रियों के साथ एयरपोर्ट पर किसी तरह का दुर्व्यवहार नहीं किया गया।
गृहमंत्री राजनाथ सिंह ने लोकसभा में शून्यकाल के दौरान विपक्ष द्वारा यह मुद्दा उठाये जाने पर कहा “असम सरकार को मीडिया और खुफिया एजेंसियों से कुछ जानकारी मिली थी जिसके आधार पर कानून एवं व्यवस्था की स्थिति बनाये रखने के लिए सिलचर हवाई अड्डे पर तृणमूल के प्रतिनिधि मंडल को रोका गया था।”
सिंह ने तृणमूल सदस्य कल्याण बनर्जी के इन आरोपों को खारिज कर दिया कि प्रतिनिधिमंडल में शामिल पार्टी के छह सांसदों और पश्चिम बंगाल के कुछ मंत्रियों के साथ कोई दुर्व्यवहार किया गया। उन्होंने कहा कि हवाई अड्डे पर जिलाधिकारी ने पूरे प्रोटोकॉल के साथ सभी का स्वागत किया और हाथ जोड़कर अनुरोध किया कि वहाँ धारा 144 लगी हुई है, इसलिए उनका बाहर जाना उचित नहीं होगा।
श्री सिंह ने साफ किया कि उसके बाद कोई अगली फ्लाइट उपलब्ध नहीं होने के कारण सांसदों को रात भी हवाई अड्डे के अतिथिगृह में ठहराया गया और शुक्रवार सुबह की फ्लाइट से कोलकाता होते हुये दिल्ली भेजा गया है।
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