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बीकानेर: जिम जाने के लिए हर कोई इच्छुक होता है। हालांकि जिम जाने से कई फायदे भी मिलते हैं, लेकिन गलत तरीके से जिम करना कई बार भारी पड़ जाता है। 17 साल की उम्र में लोग इस दुनिया में खड़े होने की कोशिश कर रहे होते हैं। मगर एक 17 साल की लड़की पावरलिफ्टिंग चैंपियन बन चुकी थी, वो जूनियर नेशनल गेम्स में गोल्ड मेडलिस्ट थी। 100-100 किलो वजन आराम से उठा लेती थी। मगर जिम में 270 किलो का बारवेल उठाने की कोशिश के दौरान उसकी मौत हो गई।
डाइनामाइट न्यूज़ संवादाता के अनुसार, राजस्थान के बीकानेर में वेट लिफ्टिंग के दौरान एक दर्दनाक हादसा हो गया। जिसमें 17 साल की वेट लिफ्टर की जान चली गई। एक जिम में पावर लिफ्टर यष्टिका आचार्य 270 किलो का बारवेल उठाने की कोशिश कर रही थीं और उनका बैलेंस बिगड़ गया। इसके बाद बारवेल उनकी गर्दन पर जा गिरा। हादसे के बाद यष्टिका बेहोश हो गई और अस्पताल ले जाते वक्त उनकी मौत हो गई।
जानकारी के अनुसार, कुछ समय पहले ही यष्टिका ने गोवा में आयोजित 33वीं नेशनल बेंच प्रेस चैंपियनशिप में इक्विप्ड कैटेगरी में गोल्ड और क्लासिक कैटेगरी में सिल्वर मेडल जीता था। इस हादसे का वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हो रहा है।
कुछ लोग जुनूनी होकर भारी वजन उठाने लगते हैं। इसे हमेशा किसी एक्सपर्ट की देखरेख में करना चाहिए। क्योंकि एक छोटी सी गलती आपकी जान के लिए खतरा बन सकती है। बता दें कि, वेट ट्रेनिंग बेहद सावधानी के साथ सर्टिफाइड ट्रेनर के अंडर ही करनी चाहिए। वेट ट्रेनिंग की शुरुआत डंबल उठाने के साथ करवाई जाती है फिर धीरे-धीरे लोगों को बारवेल दिया जाता है।
शुरुआत में इसमें प्लेट्स नहीं लगाई जाती हैं और इसका वजन 20 किलो होता है। धीरे-धीरे लोगों की क्षमता के अनुसार वजन को बढ़ाया जाता है। वेट लिफ्टिंग में प्रोसेस को फॉलो करना चाहिए, क्योंकि पहले दिन से वेट लिफ्टिंग नहीं कराई जा सकती है। वेट लिफ्टिंग लोगों की क्षमता के अनुसार कराया जाता है और इसमें सेफ्टी का ध्यान रखना जरूरी होता है।
Published : 21 February 2025, 1:38 PM IST
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