गणतंत्र दिवस की पूर्व संध्या पर राष्ट्रपति रामनाथ कोविंद ने राष्ट्र को किया संबोधित, जानें खास बातें

राष्ट्रपति रामनाथ कोविंद 72 वें गणतंत्र दिवस की पूर्व संध्या पर सोमवार शाम को राष्ट्र को संबोधित किया। इस दौरान उन्होनें देश के नागरिकों, त्योहारों, सैनिकों को लेकर खास बातें कही हैं। डाइनामाइट न्यूज़ पर जानिए राष्ट्रपति के संबोधन की खास बातें

Updated : 25 January 2021, 8:21 PM IST
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नई दिल्लीः गणतंत्र दिवस की पूर्व संध्या पर राष्ट्रपति रामनाथ कोविंद ने राष्ट्र को संबोधित किया है। जिस दौरान उन्होंने देशवासियों के लिए कुछ खास बातें कही हैं।

राष्ट्रपति रामनाथ कोविंद 72 वें गणतंत्र दिवस की पूर्व संध्या पर सोमवार शाम  को राष्ट्र को संबोधित करते हुए कहा कि हमारे राष्ट्रीय त्योहारों को, सभी देशवासी, राष्ट्र-प्रेम की भावना के साथ मनाते हैं। गणतन्त्र दिवस का राष्ट्रीय पर्व भी, हम पूरे उत्साह के साथ मनाते हुए, अपने राष्ट्रीय ध्वज तथा संविधान के प्रति सम्मान और आस्था व्यक्त करते हैं।

राष्ट्रपति राम नाथ कोविंद ने कहा है कि स्वतंत्रता प्राप्ति के बाद भारत लोकतंत्र के विश्व व्यापी आदर्श के रूप मे उभरा है और सशक्त निर्वाचन तंत्र के जरिए भारत निर्वाचन आयोग ने पूरी दुनिया के सामने उदाहरण प्रस्तुत किया है। भारत निर्वाचन आयोग की ओर से 11 वें मतदाता दिवस पर यहां आयोजित समारोह के दौरान राष्ट्रपति ने चुनाव आयोग के 72 वें स्थापना दिवस पर देशवासियों को बधाई देते हुए अपने वर्चुअल संबोधन में कहा कि हमारे जीवंत लोकतन्त्र के संचालन में चुनाव प्रक्रिया की प्रमुख भूमिका है।

उन्होंने देश के सैनिकों के लिए कहा की- सियाचिन और गलवान घाटी में, माइनस 50 से 60 डिग्री तापमान में, सब कुछ जमा देने वाली सर्दी से लेकर, जैसलमर में, 50 डिग्री सेन्टीग्रेड से ऊपर के तापमान में, झुलसा देने वाली गर्मी में - धरती, आकाश और विशाल तटीय क्षेत्रों में - हमारे सेनानी भारत की सुरक्षा का दायित्व हर पल निभाते हैं। हमारे सैनिकों की बहादुरी, देशप्रेम और बलिदान पर हम सभी देशवासियों को गर्व है।

राष्ट्रपति ने अपने संबोधन में अपनी जान जोखिम में डालकर पीड़ितों की देखभाल करने वाले डॉक्टर, नर्स, स्वास्थ्यकर्मियों, स्वास्थ्य सेवाओं से जुड़े प्रशासकों और सफाईकर्मियों का भी उल्लेख किया।

राष्ट्रपति कोविंड ने स्वतंत्रता के वीरों को याद करते हुए कहा कि- बाल गंगाधर तिलक, लाला लाजपत राय, महात्मा गांधी और सुभाष चन्द्र बोस जैसे अनेक महान जननायकों और विचारकों ने हमारे स्वतंत्रता संग्राम को प्रेरित किया था। मातृभूमि के स्वर्णिम भविष्य की उनकी परिकल्पनाएं अलग-अलग थीं लेकिन न्याय, स्वतंत्रता, समता और बंधुता के मूल्यों ने उनके सपनों को एक सूत्र में पिरोने का काम किया।

Published : 
  • 25 January 2021, 8:21 PM IST

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