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नई दिल्ली: सुप्रीम कोर्ट ने बुधवार को कुछ सेवानिवृत्त उच्च न्यायालय के न्यायाधीशों को दी जा रही 10,000 रुपये से लेकर 15,000 रुपये तक की अल्प पेंशन पर दुख जताया और इसे "दयनीय" बताया।
सर्वोच्च न्यायालय ने अधिकारियों से "कानूनी दृष्टिकोण" अपनाने के बजाय "मानवीय दृष्टिकोण" अपनाने को कहा।
न्यायमूर्ति बी आर गवई और न्यायमूर्ति के वी विश्वनाथन की पीठ सेवानिवृत्त उच्च न्यायालय के न्यायाधीशों को देय अलग-अलग पेंशन के मुद्दे को उठाने वाली याचिकाओं पर विचार कर रही थी।
समस्या को सुलझाने का प्रयास
अटॉर्नी जनरल आर. वेंकटरमणी ने अदालत को आश्वस्त किया कि सरकार इस समस्या को सुलझाने का प्रयास करेगी। न्यायालय ने सुझाव दिया कि सरकार खुद ही इस मुद्दे को हल कर ले तो बेहतर होगा, ताकि अदालत को हस्तक्षेप न करना पड़े। साथ ही, शीर्ष अदालत ने कहा कि इस मामले का समाधान व्यक्तिगत आधार पर नहीं किया जाएगा; आदेश सभी उच्च न्यायालयों के सेवानिवृत्त न्यायाधीशों पर लागू होगा।
Published : 18 December 2024, 4:53 PM IST
Topics : low pension pathetic Supreme Court सुप्रीम कोर्ट