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भुवनेश्वर: ओडिशा में इस बार सत्ता परिवर्तन होने जा रहा है। लगभग 25 सालों तक राज्य में राज करने वाली बीजू जनता दल (बीजद) को चुनाव में करारी हार का सामना करना पड़ा। 25 साल तक मुख्यमंत्री रहे नवीन पटनायक को अपनी कुर्सी गंवानी पड़ी। अब ओडिशा में नई सरकार के गठन की तैयारियों के बीच वहां की राजनीति में बड़ा मोड़ आया है।
डाइनामाइट न्यूज संवाददाता के अनुसार विधानसभा और लोकसभा चुनाव में करारी हार के बाद नवीन पटनायक के बेहद करीबी रहे वीके पांडियन ने सक्रीय राजनीति से संन्यास ले लिया है। पटनायक भले ही ओडिशा के सीएम रहे हों लेकिन वीके पांडियन हमेशा ही ओडिशा की राजनीति के केंद्र में रहे। अब उन्होंने राजनीति को अलविदा कहने का ऐलान किया है।
पांडियन ने एक वीडियो संदेश जारी करके राजनीती छोड़ने का ऐलान किया। इसके साथ ही उन्होंने राज्य में बीजद की चुनावी हार की जिम्मेदारी भी ली और बताया कि वह राजनीति में सिर्फ नवीन पटनायक को सहयोग करने के लिए आए थे।
पांडियन 2000 बैच के ओडिशा कैडर के आईएएस हैं और पिछले साल उन्होंने स्वैच्छिक सेवानिवृत्ति ले ली थी और उसके बाद वे नवीन पटनायक से पूरी तरह जुड़ गये। नौकरशाह के रूप में ओडिशा में कार्य करते हुए भी वे पटनायक के सबसे अधिक करीबी रहे।
इससे पहले ये चर्चा जोरों पर रही कि नवीन पटनायक कभी भी पांडियन को अपना उत्तराधिकारी घोषित कर सकते हैं लेकिन पटनायक ने कल ही उनको उत्तराधिकारी मानने से मना कर दिया, जिसके अगले दिन आज पांडियन ने राजनीति छोड़ने का ऐलान किया।
Published : 9 June 2024, 4:13 PM IST
Topics : Naveen Patnaik Odisha VK Pandian ओडिशा नवीन पटनायक पूर्व आईएएस भुवनेश्वर राजनीति वीके पांडियन
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