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नई दिल्ली: भारत की अर्थव्यवस्था में पिछले कुछ समय में काफी सुधार हुआ है। वित्त वर्ष की तीसरी तिमाही में भारत दुनिया का सबसे तेजी से बढ़ने वाली अर्थव्यवस्था वाला देश बन रहा है। इस दौरान भारतीय अर्थव्यवस्था की विकास दर 7.2 फीसदी रही है। लेकिन नोबेल पुरस्कार से सम्मानित अर्थशास्त्री पॉल क्रुगमैन अभी भी भारतीय अर्थव्यवस्था में सुधार से खुश नज़र नहीं आ रहें है। उनका मानना है कि अभी इसमें कई सुधार हो सकते है।
दिल्ली में आयोजित कार्यक्रम में बोलते हुए उन्होंने कहा कि,'भारत ने पिछले 30 साल में ठीक उसी तरह से आर्थिक तरक्की की है, जैसे ग्रेट ब्रिटेन ने पिछले 150 साल में किया है। यहां पर काफी तेजी से बदलाव हो रहा है। लेकिन इसके बावजूद भी यहां गरीबी क्यों दिख रही है?'
वहीं देश में नौकरी की कमियों को लेकर बात करते हुए उन्होंने कहा कि भारत में मैन्युफैक्चरिंग में कमी है, जिस वजह से यहां पर नौकरियों का सृजन नहीं हो रहा है। ये भारत के लिये चिंता की बात है। तेज आर्थिक विकास की वजह से देश में आर्थिक असमानता हो रही है और देश की संपदा का असमान वितरण हो रहा है ।
Published : 19 March 2018, 6:35 PM IST
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