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नई दिल्ली: चुनाव आयोग ने शनिवार को बहुचर्चित ईवीएम चैलेंज का आयोजन किया। इस दौरान केवल सीपीएम और एनसीपी ही कार्यक्रम में पहुंची। ईवीएम हैकिंग चैलेंज में किसी भी पार्टी ने हिस्सा नहीं लिया लेकिन मशीन के तमाम सुरक्षा इंतजामों की विस्तृत जानकारी के बारे में चर्चा हुई। कार्यक्रम की जानकारी देते हुए मुख्य चुनाव आयुक्त नसीम जैदी ने कहा कि आयोग चुनाव प्रक्रिया में पारदर्शिता स्थापित करने के लिए आगे से सभी चुनावों में VVPAT का इस्तेमाल करेगा। नसीम जैदी ने EVM पर विश्वास जताते हुए कहा, 'इसे हैक नहीं किया जा सकता और इसमें छेड़छाड़ भी संभव नहीं है। इसके परिणाम बदले नहीं जा सकते।'

चुनाव आयोग ने चैलेंज के चलते 14 ईवीएम मशीनों को हैक करने के लिए रखा था। इस चैलेंज के लिए सीपीआईएम और एनसीपी के प्रतिनिधियों को चार-चार ईवीएम मशीन दी थी। इस चैलेंज के दो घंटे बाद ही दोनों दलों के प्रतिनिधियों ने साफ कर दिया है कि वह सिर्फ प्रक्रिया समझने आए थे और उन्होंने चुनाव आयोग की चुनौती स्वीकार करने से इनकार कर दिया।
बता दें कि बसपा और आप ने आरोप लगाया था कि हाल के विधानसभा चुनावों में इस्तेमाल की गई इलेक्ट्रानिक वोटिंग मशीनों से छेड़छाड़ की गई थी और इनके जरिए भाजपा को लाभ पहुंचा। निर्वाचन आयोग ने इन आरोपों के चलते आरोप लगाने वाले दलों को चुनौती दी कि वे यह साबित करके दिखाएं कि ईवीएम से छेड़छाड़ की जा सकती है। आयोग की इस चुनौती के बाद केवल सीपीआईएम और एनसीपी ही चुनौती में भाग लेने के लिए आगे आए।
Published : 3 June 2017, 6:42 PM IST
Topics : आप ईवीएम चुनाव आयुक्त चुनाव आयोग नसीम जैदी पार्टी बसपा मशीन राजनीति हैक
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