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नई दिल्ली: बाजार नियामक सेबी ने साइबर सुरक्षा और साइबर मजबूती को लेकर एकीकृत रूपरेखा का सुझाव दिया है। इस व्यवस्था में सभी विनियमित संस्थाओं को एक आधुनिक साइबर संकट प्रबंधन योजना बनाने की जरूरत है।
साइबर जोखिमों, घटनाओं की रोकथाम, तैयारियों और संस्थाओं की प्रतिक्रिया क्षमताओं को और मजबूत करने के लिए रूपरेखा पर विचार किया गया है।
भारतीय प्रतिभूति एवं विनिमय बोर्ड (सेबी) ने अपने अंतर्गत आने वाली इकाइयों के लिए एकीकृत साइबर सुरक्षा एवं साइबर मजबूती को लेकर रूपरेखा (सीएससीआरएफ) पर एक सुझाव पत्र जारी किया है। इसमें किसी भी साइबर-जोखिम/घटना को रोकने के लिए साइबर सुरक्षा को लेकर साझा रूपरेखा प्रदान करने पर विचार किया गया है।
सुझाव पत्र पर संबद्ध पक्षों से 25 जुलाई तक सुझाव मांगे गए हैं।
सेबी ने कहा कि ढांचा साइबर सुरक्षा के राष्ट्रीय मानक एवं प्रौद्योगिकी संस्थान (एनआईएसटी) द्वारा परिभाषित पांच समवर्ती और निरंतर कार्यों पर आधारित है। इनमें पहचान, सुरक्षा, पता लगाने, प्रतिक्रिया और दोबारा वापसी करना शामिल है।
सेबी के अनुसार, रूपरेखा को समय के साथ विभिन्न नियामक इकाइयों से प्राप्त प्रतिक्रियाओं और उभरती प्रौद्योगिकी के आधार पर अद्यतन किया जाएगा और सुधार लाया जाएगा।
Published : 5 July 2023, 8:53 PM IST
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