जानिये, आखिर शीतकालीन सत्र से पहले वेंकैया नायडू ने 10 दिसंबर को क्यों बुलाई सर्वदलीय बैठक

डीएन ब्यूरो

संसद के शीतकालीन सत्र से पहले उपराष्ट्रपति एवं राज्यसभा के सभापति एम वेंकैया नायडू ने 10 दिसंबर को सर्वदलीय बैठक बुलाई गई है। डाइनामाइट न्यूज की एक्सक्लूसिव रिपोर्ट में पढ़ें आखिर क्यों बुलाई गई बैठक..

उपराष्ट्रपति एवं राज्यसभा के सभापति एम वेंकैया नायडू (फाइल फोटो)
उपराष्ट्रपति एवं राज्यसभा के सभापति एम वेंकैया नायडू (फाइल फोटो)

नई दिल्ली: संसद के शीतकालीन सत्र से पहले उपराष्ट्रपति एवं राज्यसभा के सभापति एम वेंकैया नायडू ने 10 दिसंबर को सर्वदलीय बैठक बुलाई है ताकि ऊपरी सदन में कामकाज के सुचारू संचालन के लिये विभिन्न राजनीतिक दलों के बीच आमसहमति बनाई जा सके। पूर्व में सत्र के दौरान नायडू सदन में सत्तारूढ़ पार्टी और विपक्ष के बीच गतिरोध पर चिंता व्यक्त कर चुके हैं जिसके कारण सदन में सुचारू कामकाज में बाधा देखने को मिली थी।

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सत्र के दौरान सरकार संसद में कई महत्वपूर्ण विधेयक पारित कराना चाहती है। इसमें तीन तलाक संबंधी विधेयक राज्यसभा में लंबित है। समझा जाता है कि सरकार इस विधेयक को पारित कराने का प्रयास करेगी। सरकार इससे पहले तीन तलाक पर अध्यादेश जारी कर चुकी है जिसमें दंड का प्रावधान है। सूत्रों ने बताया कि राज्यसभा के सभापति ने अपने आवास पर सभी राजनीतिक दलों के ऊपरी सदन के नेताओं को 10 दिसंबर को बैठक में आमंत्रित किया है। 

उन्होंने बताया कि इस बैठक का मकसद सदन के सुचारू कामाकाज के संचालन के लिये सहमति बनाना है। इस बैठक में राज्यसभा में सदन के नेता अरूण जेटली, विपक्ष के नेता गुलाम नबी आजाद सहित विभिन्न नेता हिस्सा ले सकते हैं। संसद के इस शीतकालीन सत्र को 2019 के लोकसभा चुनाव से पहले अंतिम पूर्ण सत्र माना जा रहा है और भाजपा सरकार चाहती है कि सत्र सार्थक हो। विपक्ष के लिये यह सरकार को घेरने का मौका होगा। सत्र में पांच राज्यों के विधानसभा चुनाव परिणाम का असर दिखाई देगा जहां भाजपा और कांग्रेस की प्रतिष्ठा जुड़ी है। (भाषा)
 

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