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नई दिल्ली: आज शारदीय नवरात्रि का नौंवा दिन है। नवरात्र के नवें दिन देवी के नौवें रूप मां सिद्धिदात्री की पूजा-अराधना की जाती है। सिद्धिदात्री की कृपा से मनुष्य सभी प्रकार की सिद्धियां प्राप्त कर मोक्ष पाने मे सफल होता है।
ऐसा है मां सिद्धिदात्री का स्वरूप
माता सिद्धिदात्री का रूप अत्यंत सौम्य है। सिद्धिदात्री के चार भुजाएं हैं जिनमें वह शंख, गदा, कमल का फूल तथा चक्र धारण करे रहती हैं। यह कमल पर विराजमान रहती हैं। इनके गले में सफेद फूलों की माला तथा माथे पर तेज रहता है। इनका वाहन सिंह है।
मां सिद्धिदात्री की पूजा से इससे यश, बल और धन की प्राप्ति होती है। सिद्धिदात्री देवी उन सभी भक्तों को महाविद्याओं की अष्ट सिद्धियां प्रदान करती हैं, जो सच्चे मन से उनके लिए आराधना करते हैं। मान्यता है कि सभी देवी-देवताओं को भी मां सिद्धिदात्री से ही सिद्धियों की प्राप्ति हुई है। मान्यता है कि सभी देवी-देवताओं को भी मां सिद्धिदात्री से ही सिद्धियों की प्राप्ति हुई है।
माता सिद्धिदात्री के उपासना के मंत्र
या देवी सर्वभूतेषु माँ सिद्धिदात्री रूपेण संस्थिता.
नमस्तस्यै नमस्तस्यै नमस्तस्यै नमो नम:.
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Published : 29 September 2017, 10:32 AM IST
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