उत्तराखंड: युवाओं को नशे से बचाने के लिए हाईकोर्ट ने लिया बड़ा फैसला, लगाईं 434 दवाओं की बिक्री पर रोक

डीएन संवाददाता

हाईकोर्ट ने प्रदेश में नशे से युवाओं को बचाने के लिए बड़ा कदम उठाया है। कोर्ट ने 434 दवाओं की बिक्री पर रोक लगा दी है। पूरी खबर..

नैनीताल हाईकोर्ट (फाइल फोटो)
नैनीताल हाईकोर्ट (फाइल फोटो)

देहरादून: हाईकोर्ट ने एक ऐतिहासिक फैसला दिया है।  कोर्ट ने प्रदेश में  केंद्रीय औषधि नियंत्रण बोर्ड द्वारा प्रतिबंधित 434 दवाओं की बिक्री पर रोक लगा दी है।  इसके अलावा कोर्ट ने राज्य में इन दवाओं को नष्ट करने का आदेश भी दिया था।  इसके अलावा कोर्ट ने सभी शिक्षण संस्थानों, निजी संस्थानों और अन्य सार्वजनिक स्थानों पर ड्रग कंट्रोल क्लब खोलने आदेश दिया है।  

हाल में ही कोर्ट में याचिका दायर की गई थी।  इस याचिका में कहा गया था कि प्रदेश का युवा दिन प्रतिदिन नशे की गिरफ्त में आ रहा है। सरकार और पुलिस नशाखोरी पर अंकुश लगाने में नाकाम रहे हैं।

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जिस पर सुनवाई करते हुए कोर्ट ने आदेश जारी करते हुए कहा कि 18 साल से कम आयु के किशोर-बच्चों को प्रतिबंधित दवाइयां, मादक पदार्थ, ऐसेे अन्य कोई चीज, जिससे नशा होने की आशंका हो आदि की बिक्री पर रोक लगाई है। राज्य व जिलों की सीमा पर ड्रग्स की जांच के लिए सरकार तीन माह में स्पेशल टीम का गठन करे। प्रदेश के प्रत्येक जिले में नशामुक्ति केंद्र खोले जाएं और सरकार चार सप्ताह में ड्रग्स नारकोटिक्स स्क्वायड का गठन करे। 

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 इन दवाओं पर लगा दी गई है रोक 

पैरासिटामोल, सिट्रेजिन, टेराफिनाडीन, डी-कोल्ड टोटल, सैरोडॉन, फिंसाडीन, डोवर्स पावडर, क्लाइक्लोफिन पैरासिटामोल, डोवोर्स टेबलेट, कोम्बिफ्लेम आदि।  

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