कोल्हुई में दो दर्जन से अधिक माइक्रोफाइनेंस कंपनियां, हजारों ग्राहक, कर्ज में बुरी तरह फंसी; महिलाएं घर छोड़ने को मजबूर

कोल्हुई में माइक्रोफाइनेंस कंपनियों के जाल में फंसकर महिलाएं घर छोड़ने को मजबूर हो गयी हैं। पढ़िए डाइनामाइट न्यूज़ की पूरी खबर

Updated : 15 April 2025, 1:43 PM IST
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महराजगंज: कोल्हुई कस्बे में इस समय दो दर्जन से अधिक माइक्रोफाइनेंस कंपनियां काम कर रही हैं। ये लोग महिलाओं का समूह बनाकर उनको कर्ज देते हैं जिससे कि महिलाएं कुछ बिजनेस कर आगे बढ़ें लेकिन कुछ महिलाएं ऐसी हैं जो कर्ज के दलदल में इतनी बुरी फंस गई है कि वो घर छोड़कर दिन भर इधर-उधर रहती हैं और रात में घर आती हैं। ताकि वे माइक्रोफाइनेंस कंपनियों के स्टाफ से बच सकें और उन्हें पैसा न जमा करना पड़े।

डाइनामाइट न्यूज़ संवाददाता के अनुसार कोल्हुई क्षेत्र के कोल्हुई गांव, बड़ीहरी, मोगलहा, खरहरवा,बभनी, चंदनपुर, गुरुचिहाँ, कुशहा, बहादुरी, बेलौही, राजमंदिर, समेत सैकड़ों गांव की महिलाओं ने माइक्रोफाइनेंस कंपनियों से कर्ज ले रखा है जिसमें कुछ महिलाएं कर्ज का सही उपयोग करके आगे बढ़ गई लेकिन कुछ लोग जो कर्ज का सही उपयोग नहीं कर पाए वो बर्बाद हो रहे हैं।

जागरूकता की कमी के कारण कई घर हुए बर्बाद
कोल्हुई क्षेत्र की कई ऐसी महिलाएं हैं जिन्होंने कर्ज लेकर उसका सही उपयोग नहीं कर पाई और बुरी तरह कर्ज के जाल में फंसकर घर छोड़कर बाहर चली गई। महिलाएं एक कर्ज को भरने के लिए दूसरे कंपनी से कर्ज लेकर बुरी तरह फंस चुकी है।

क्या है माइक्रोफाइनेंस
माइक्रोफाइनेंस कम आय वाले व्यक्तियों को वित्तीय सेवाएं प्रदान करने का एक माध्यम है। यह मुख्य रूप से छोटे ऋण के रूप में प्रदान किया जाता है। जिससे लोग अपना बिजनेस कर आगे बढ़ें। माइक्रोफाइनेंस कंपनियां आरबीआई के नियमानुसार ही कार्य करती हैं। इन कंपनियों के कुछ अपने नियम बनाए गए हैं ये उसी अनुसार गांव का सर्वे कर लोन बांटती हैं और इनका ईएमआई हफ्ते, 15दिन, महीने के अनुसार वसूलती है।

माइक्रोफाइनेंस कंपनियों के ऑफिस बड़े मार्केट वाले स्थान पर ओपन किए जाते हैं। जिसमें एक ब्रांच पर 6 से 10 स्टाफ को रखा जाता है जो लोन बांटते और ईएमआई लाते हैं। एक कंपनी के स्टाफ ने बताया कि लोन बांटने के बाद ईएमआई लाने की जिम्मेदारी होती है। जिसे हम कंपनी के नियमानुसार कार्य करते हैं।

करोड़ों रुपए माइक्रोफाइनेंस कंपनियों का डूबा
कोल्हुई क्षेत्र में दो दर्जन से अधिक माइक्रोफाइनेंस कंपनियां हैं। ये कंपनियां आसानी से अनसिक्योर्ड लोन लोगों को उपलब्ध कराती हैं। इन कंपनियों से पैसा लेकर कई लोग फरार हो चुके हैं या तो जमा नहीं कर पा रहे हैं। ऐसे में कुल मिलाकर 2 से तीन करोड़ रुपए माइक्रोफाइनेंस कंपनियों के डूब चुके हैं।

Published : 
  • 15 April 2025, 1:43 PM IST

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