हिंदी
बेंगलुरु: कर्नाटक के मुख्यमंत्री सिद्धरमैया ने शुक्रवार को कहा कि राज्य सरकार द्वारा संचालित खाद्य सब्सिडी कार्यक्रम 'इंदिरा कैंटीन' और स्कूली बच्चों के मध्याह्न भोजन में बाजरे का उपयोग किया जाएगा। उन्होंने बाजरे की फसल को बढ़ावा देने के लिए एक केंद्र स्थापित करने की भी घोषणा की।
सिद्धरमैया यहां कृषि विभाग द्वारा आयोजित बाजरा एवं जैविक अंतरराष्ट्रीय व्यापार मेला 2024 में प्रदर्शनी और बिक्री के उद्घाटन कार्यक्रम को संबोधित कर रहे थे।
डाइनामाइट न्यूज़ संवाददाता के अनुसार मुख्यमंत्री ने कहा कि इंदिरा कैंटीन और स्कूली भोजन में बाजरे के उपयोग पर चर्चा और निर्णय लेने के लिए जल्द ही संबंधित विभागों की एक बैठक बुलाई जाएगी ताकि राज्य के लोग और स्कूली बच्चे अधिक स्वस्थ और ताकतवर बन सकें।
सिद्धरमैया ने आश्वासन दिया कि उनकी सरकार बाजरे की फसल को बढ़ावा देने के लिए एक केंद्र स्थापित करेगी। साथ ही उच्च गुणवत्ता वाले बीजों के उत्पादन, बाजरे की नयी किस्मों के विकास और बाजरे के निर्यात की सुविधा भी प्रदान करेगी।
उन्होंने कहा, ''बाजरा उन जगहों पर भी उगाया जा सकता है जहां बारिश कम हो और मिट्टी की उर्वरता भी कम हो। बाजरा अच्छे स्वास्थ्य के लिए बहुत उपयोगी है। इसलिए, राज्य सरकार लगातार बाजरा मेलों का आयोजन कर रही है।''
Published : 5 January 2024, 5:41 PM IST
No related posts found.