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लखनऊ: यूपीए की ओर से राष्ट्रपति चुनाव की उम्मीदवार मीरा कुमार ने कहा कि राष्ट्रपति चुनाव किसी जाति के आधार पर नहीं बल्कि विचारधारा के आधार पर लड़ा जाएगा। दरअसल मीरा कुमार प्रचार-प्रसार के दौरान आज लखनऊ पहुंची। यहां उन्होंने सपा से समर्थन की मांग के लिए पूर्व सीएम अखिलेश यादव से मुलाकात की। इसके बाद उन्होंने कांग्रेस मुख्यालय में प्रेसवार्ता की। प्रेस-वार्ता में केन्द्र सरकार पर आरोप लगाया कि वर्तमान केन्द्र सरकार के 3 साल के कार्यकाल में देश के लोगों को धर्म और जाति के आधार पर बांटने की साजिश हो रही है।
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मीरा कुमार ने कई मुद्दों पर खुल कर अपनी राय रखी। उन्होंने कहा कि हमारे देश की सदियों पुरानी एकता और अखंडता को तोड़ने की साजिश की जा रही है। साथ ही उन्होनें पूरे देश के सांसदों और विधायकों से अंतरात्मा की आवाज पर राष्ट्रपति चुनाव में वोट डालने की अपील की है। साथ ही मीरा कुमार ने पूरे देश में मनुवादी विचारधारा थोपने की साजिश करने का भी आरोप भाजपा पर लगाया।
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क्यों होती है जाति की बात: मीरा
मीरा कुमार ने कहा कि इस बार का राष्ट्रपति चुनाव साम्प्रदायिकता और सेकुलरिज्म के बीच लड़ा जा रहा है। उन्होनें कहा कि देश के सभी वर्गों में एकता स्थापित करके ही देश को विकास के पथ पर अग्रसर किया जा सकता है। उन्होंने कहा कि हम 21वीं सदी में जी रहे हैं और उसके बाद भी आज जाति और धर्म की बात हो रही है। इससे पहले भी राष्ट्रपति पद के लिए चुनाव हुए लेकिन कभी उनके जाति की बात नहीं हुई।
Published : 14 July 2017, 5:45 PM IST
Topics : उम्मीदवार चुनाव दलित मीरा कुमार यूपीए रामनाथ कोविद राष्ट्रपति लखनऊ विचारधारा
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