हिंदी
मुंबई/नई दिल्ली: देश में कोरोना की दूसरी लहर को पिछली बार से ज्यादा खतरनाक माना जा रहा है और दिनों-दिन केस बढ रहे हैं। कोरोना के मामले हर रोज नया रिकार्ड बना रहे है। दूसरी लहर को देखते हुए कई राज्यों में नाइट कर्फ्यू के साथ वीकेंड लॉकडाउन और कई तरह के प्रतिबंध लगाये जा चुके है। हर रोज नये शहर नाइट कर्फ्यू या आंशिक लॉकडाउन की चपेट में आ रहे है, जिससे लोगों में फिर एक बार संपूर्ण लॉकडाउन का भ्रम फैल रहा है। लॉकडाउन की इन अटकलों के कारण प्रवासी मजदूर सबसे ज्यादा भयभीत हैं और वे फिर शहर छोड़कर अपने घर-गांव लौटने लगे है।
देश में कोरोना संक्रमण के सबसे ज्यादा मामले महाराष्ट्र में दर्ज किया जा रहे है। यहां हर रोज 50 हजार से अधिक कोरोना के मामले आ रहे हैं। मुंबई समेत महाराष्ट्र में नाइट कर्फ्यू और वीकेंड लॉकडाउन का ऐलान सरकार द्वारा किया जा चुका है। मुंबई के प्रवासी मजदूर लॉकडाउन की आशंका जता रहे है, ऐसे में फिर वे अपने घर-गांव वापस लौटने लगे हैं। इन मजदूरों में उत्तर प्रदेश और बिहार के लोग सबसे ज्यादा है, जो किसी झंझट में फंसने से पहले ही अपने गांव लौटने को आतुर हैं।
यह भी पढ़ें: लॉकडाउन की आहट से घबराहट, बड़े शहरों से फिर घर लौटने लगे प्रवासी मजदूर
लॉकडाउन का खतरा बढ़ता देख प्रवासी मज़दूरों ने एक बार फिर से पलायन शुरू कर दिया है। दो दिन पहले दिल्ली के आनंद बिहार रेलवे स्टेशन और पुणे से कुछ तस्वीरें सामने आईं, जिनमें प्रवासी मजूदरों को घर लौटते देखा गया। अब ऐसा ही नजारा मुंबई में भी देखने को मिला है। यूपी के आने वाले वाले इन मजदूरों ने पिछले साल का अनुभव बताते हुए कहा कि वो पिछले साल लॉकडाउन में ज्यादा पैसा खर्च कर ट्रकों से अपने घर पहुंच पाए थे।
कल गुरूवार को मुंबई के लोकमान्य तिलक रेलवे स्टेशन से भी ऐसी तस्वीरें सामने आई है। यहां मुंबई से यूपी के गोरखपुर आने वाली ट्रेन प्रवासी मजदूरों से खचाखच भरी देखी गई। इसमें सवार होने वाले कुछ मजदूरों का कहना था कि मुंबई में बढते कोरोना का मामलों के मद्देनजर वे गांव वापस लौट रहे हैं जबिक कुछ पैसेंजर्स ने लॉकडाउन की आशंकाओं के चलते घर लौटने की मजबूरी बताई। मुबंई के अन्य रेलवे स्टेशनों से भी इस तरह की खबरें है, जहां घर-गांव जाने वाले प्रवासी मजदूरों की कतार लगनी धीरे-धीरे शुरू हो रही है।
Published : 9 April 2021, 11:54 AM IST
No related posts found.