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नई दिल्लीः देश में कोरोना वायरस की लहर की चपेट में कई लोग आ चुके हैं। दिन-ब-दिन हालात बेकाबू होते जा रहे हैं। इसका असर अब अस्पतालों में भी पड़ रहा है। कहीं बेड्स की कमी हो रही है तो कहीं पर वेंटिलेटर-ICU और वैक्सिन की शॉर्टेज हो रहे हैं।
दिल्ली में कोरोना वायरस एक बार फिर कहर बन रहा है। दिल्ली सरकार ने कोरोना के बढ़ते मामलों को देखते हुए बड़ा आदेश जारी किया है। इसके तहत कोई भी अस्पताल किसी मरीज को 10 मिनट से ज्यादा इंतजार नहीं करा सकता है। इसके अलावा दिल्ली में मरीजों को राहत देते हुए लोकनायक अस्पताल और गुरू तेग बहादुर (जीटीबी) अस्पताल में बेड की संख्या बढ़ाकर 1500 और जीटीबी में अब एक हजार कर दी गई है। सरकार का कहना है कि शहर के 115 प्राइवेट अस्पतालों में 50 से अधिक बेड्स को कोरोना मरीजों के लिए चिन्हित कर लिया गया है।
वहीं मुंबई में 25 प्राइवेट अस्पतालों में गुरुवार को वैक्सीन की शॉर्टेज के कारण टीकाकरण अभियान रूक गया है। बीएमसी के अनुसार 71 में से 25 प्राइवेट अस्पतालों में गुरुवार को वैक्सीन का स्टॉक खत्म हो गया था, जिन अस्पतालों में स्टॉक बचा है, वह भी मुश्किल से एक या दो दिन तक चल पाएगा।
वहीं यूपी में भी बेड शॉर्टेज के कारण अस्पतालों में बेड की संख्या बढ़ाने के आदेश दिए गए हैं। योगी सरकार ने सभी सरकारी-गैर सरकारी अस्पतालों में बेड की संख्या को बढ़ाने के निर्देश दिए हैं। प्रदेश में सरकारी, निजी अस्पतालों के संग विशिष्ट चिकित्सा संस्थानों में 278 आईसीयू बेड बढ़ाए जाएंगे। वहीं कहा गया है कि प्रदेश में कोरोना संक्रमण में उपयोग होने वाली सभी दवाएं पर्याप्त मात्रा में उपलब्ध हैं।
यूपी में कोविड-19 के लेवल टू व थ्री अस्पतालों में आइसीयू के 4333 बेड है, जिन्हें बढ़ाकर अब 4611 कर दिया जाएगा। इसके साथ ही प्रदेश में आइसोलेशन बेड की व्यवस्था का विस्तार करते हुए 11811 बेडों की संख्या में बढ़ोत्तरी होने पर 16422 आइसोलेशन बेड किए जाएंगे।
Published : 9 April 2021, 10:51 AM IST
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