झारखंड में बच्ची की भूख से मौत: मानवाधिकार कार्यकर्ता विनय कुमार पांडेय ने की जांच की मांग

डीएन ब्यूरो

महराजगंज जिला सिविल कोर्ट के अधिवक्ता व मानवाधिकार कार्यकर्ता विनय कुमार पांडेय ने झारखंड में भूख से बच्ची की मौत पर राष्ट्रीय मानवाधिकार को शिकायती पत्र प्रेषित किया है।अपने शिकायती पत्र में अधिवक्ता ने मामले की जांच करने और जिम्मेदार अधिकारियों के खिलाफ कार्यवाही की मांग की है।

फाइल फोटो
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महराजगंज: जिला सिविल कोर्ट के अधिवक्ता व मानवाधिकार कार्यकर्ता विनय कुमार पांडेय ने झारखंड में भूख से बच्ची की मौत पर राष्ट्रीय मानवाधिकार को शिकायती पत्र प्रेषित किया  है।
अपने शिकायती पत्र में अधिवक्ता ने मामले की जांच करने और जिम्मेदार अधिकारियों के खिलाफ कार्यवाही की मांग की है। अधिवक्ता ने कहा कि इस दिल दहला देने वाली घटना के बाद भी प्रशासनिक मशीनरी का संवेदनहीन होना सभ्य समाज के लिए बहुत ही घातक है।

पांडेय ने का कहना है कि राशन कार्ड का आधार कार्ड से लिंक न हो पाना और पी.डी.ए. सिस्टम द्वारा मृतक बच्ची के परिवार को राशन न मिल पाने के कारण बच्ची का भूख से दम तोड़ना खतरनाक है। यह सुप्रीम कोर्ट की गाइड लाइन का भी सरासर उल्लंघन है। उन्होंने कहा है कि शीर्ष अदालत के अनुसार यदि किसी व्यक्ति की मृत्यु भूख से होती है तो उसके लिए जिले का जिलाधिकारी जिम्मेदार माना जायेजा, कितु संबंधित अधिकारी पोस्टमार्ट रिपोर्ट की तकनीकि दाव पेंच का इस्तामेल करके यह हवाला दे रहे है कि बच्ची की मौत बीमारी की वजह  हुई है। जबकि बच्ची की मौत भूख से तड़प कर हुई है।

मानवधिकार कार्यकर्ता ने राष्ट्रीय मानव अधिकार आयोग को भेजे अपने पत्र में भूख से हुई इस मौत के लिए जिम्मेदार अधिकारियों व राज्यधिकारी के खिलाफ जांच कराने और कार्यवाई करने की मांग की है।

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