हिंदी
पनियरा (महराजगंज): बीआरसी पनियरा पर पांच महीने बाद आज बच्चों को पढ़ने के लिए सरकार द्वारा दी जाने वाली किताब शनिवार को दोपहर में पहुंची, जबकि अगले महीने में बच्चों की परीक्षायें होनी है परीक्षा के एक महीने से कम समय ही बचा है तब जा कर किताब अभी बीआरसी पनियरा पर पहुँची है। सरकार की व्यवस्था पर अभिभावकों का गुस्सा भी स्वभाविक है। कई अभिभावकों ने बताया कि इतनी खराब व्यवस्था पहले कभी नही थी। वर्तमान सरकार सिर्फ कागजो में फिट है जमीनी हकीकत तो कुछ और ही है।
डाइनामाइट न्यूज़ की टीम जब बीआरसी पनियरा मौके पर पहुँची तो मौके पर मौजूद सूत्रों ने बताया को किताबे तो आयी है, लेकिन बच्चो की सँख्या से कम किताबे पहुँची है।
संख्या से कम पहुँची किताबें तो कैसे होगी वितरित ?
बीआरसी पनियरा पर भले ही शनिवार को सरकारी पुस्तक पहुंच गई लेकिन आवश्कता से कम ही पहुचने पर सबसे बड़ा सवाल ये उठ रहा है कि आखिर किन बच्चो को देंगे और किसको नही देंगे, साथ ही जिन बच्चो को किताबे नही मिलेगी तो अगले महीने में होने वाली परीक्षा में क्या लिखेगें।
आख़िर जिम्मेदार कौन
एक ओर डिजिटल इंडिया बनाने की बात कही जा रही दूसरी ओर शिक्षा के साथ ही खिलवाड़ किया जा रहा है नन्हे मुन्हे बच्चों की जिंदगी को ही दांव पर लगाया जा रहा है ऐसे में कैसे बनेगा डिजिटल इंडिया।
Published : 1 September 2018, 5:09 PM IST
No related posts found.