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महराजगंज: थाना बृजमनगंज क्षेत्र के ग्राम सभा भांग के रहने वाले प्रधानाध्यापक शिवकुमार विश्वकर्मा की आत्महत्या के मामले में शुक्रवार को कोर्ट ने तीनों अभियुक्तों की जमानत याचिका निरस्त कर दी। तीनों अभियुक्तों पर अध्यापक को सुसाइड के लिये विवश करने का आरोप है। सत्र/जिला न्यायाधीश जय प्रकाश तिवारी की अदालत ने इस मामले में आरोपी तेज प्रताप सिंह, रानू धर्मेन्द्र सिंह एवं रविन्द्र सिंह की जमानत याचिका को निरस्त कर दिया।
अध्यापक शिवकुमार विश्वकर्मा ने इसी माह 4 सितंबर 2022 को आत्महत्या की थी। इस मामले में मृतक अध्यापक की पत्नी सरस्वती ने पति द्वारा लिखकर छोड़े गये सुसाइड नोट के आधार पर तीनों आरोपियों के खिलाफ बृजमनगंज थाने में एफआईआर दर्ज करवाई थी।
इस मामले में वादिनी सरस्वती ने कहा कि उसके पति शिवकुमार पुत्र सरजू प्रसाद की डेडबॉडी एवं सुसाइड नोट करमहा विद्यालय के प्रधानाचार्य के कक्ष में मिला। सुसाइड नोट के अनुसार उसके पति की मौत तेज प्रताप सिंह पुत्र रामनरायन सिंह, रानू उर्फ धर्मेन्द्र सिंह निवासी महदेवा, थाना बृजमनगंज और रविन्द्र सिंह पुत्र सूर्यनरायण सिंह निवासी सिद्धार्थ नगर के कारण ही हुई है।
जमानत प्रार्थना पत्र पर सुनवाई के दौरान शासकीय अधिवक्ता फौजदारी व्रजेन्द्र नाथ त्रिपाठी ने जमानत प्रार्थना-पत्र का जोरदार विरोध करते हुए कहा कि मृतक से आरोपियों की ब्याज समेत कर्ज अदायगी की मांग और इसके लिये भारी दबाव के कारण ही अध्यापक शिवकुम को आत्महत्या करना पड़ा है। सम्पूर्ण मामले, तथ्य एवं परिस्थितियों के आधार पर न्यायालय ने क्षेत्र के इस चर्चित मामले में तीनों आरोपियों की जमानत याचिका निरस्त करने का आदेश दिया।
(हनुमान चौरसिया की रिपोर्ट)
Published : 23 September 2022, 5:27 PM IST
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