महराजगंज: चकबंदी कार्यालय जिला मुख्यालय से हटाने पर वकीलों का गुस्सा सातवें आसमान पर

शिवेंद्र चतुर्वेदी

DDC और SOC के जिला स्तरीय चकबंदी अधिकारियों के कार्यालय को रात के अंधेरे में चोरी से जिला मुख्यालय से हटाकर फिर फरेन्दा तहसील में शिफ्ट करने के पर वकीलों और आम जनता का गुस्सा फूट पड़ा है. लगातार तीसरे दिन हंगामा, हड़ताल और प्रदर्शन जारी रहा। वकीलों का कहना है कि जिला प्रशासन ने गैरकानूनी काम किया है, इससे जिले को अशांति की आग में झोंका जा रहा है।


महराजगंज: DDC और SOC के जिला स्तरीय चकबंदी अधिकारियों के कार्यालय को रात के अंधेरे में जिला मुख्यालय से हटाकर फरेन्दा तहसील में शिफ्ट करने के खिलाफ जिले के वकीलों का गुस्सा सातवें आसमान पर है। इस मामले को लेकर वकीलों का प्रदर्शन और हड़ताल तीसरे दिन भी जारी रही। वकीलों का कहना है कि प्रशासन ने ऐसा करके जिले को अशांति की आग में झोंकने का काम किया है।

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चकबंदी अधिकारियों के कार्यालय को शिफ्ट करने के बाद जिले भर में प्रशासनिक अधिकारियों पर कई तरह सवाल उठाये जा रहे हैं। नौतनवा से लेकर महराजगंज की जनता और वकील इस मामले पर बुरी तरह बिफरे हुए है। उनका कहना है कि ऐसा करके अधिकारियों ने जिले में भ्रष्टाचार को पनाह देने का काम किया है और जिले के अफसर ही सीएम की छवि खराब करने में जुटे हुए है। 

शातिर चकबंदी अधिकारी कौशलानंद यादव और अखिलेश कुमार हैं मुख्य साजिशकर्ता

वकीलों ने आज DDC और SOC के चकबंदी कार्यालय फरेन्दा तहसील शिफ्ट करने के खिलाफ जमकर प्रदर्शन किया। वकीलों का आरोप है कि इसकी साजिश चकबंदी अधिकारियों ने ही रची। सीओ कौशलानंद यादव और अखिलेश कुमार इसके मुख्य साजिशकर्ता हैं। दोनो अफसरों पर भ्रष्टाचार के भी गंभीर आरोप लगाये गये।

तैनाती महराजगंज में लेकिन रात्रि निवास गोरखपुर में
चकबंदी अधिकारियों कौशलानंद यादव और अखिलेश कुमार की तैनाती महराजगंज जिले में होने के बावजूद ये दोनों शासनादेशों की खुले आम धज्जियां उड़ाते हुए किसी भी दिन महराजगंज जनपद मुख्यालय पर रात्रि निवास नही करते हैं। ये दोनों गोरखपुर जिले में अपना निवास बनाये हुए हैं और रोजाना गोरखपुर चोरी से भाग जाते हैं।

बड़े अफसरों ने दिया समर्थन

तैनाती महराजगंज में निवास गोरखपुर में.. इस काले खेल पर जिले के जिम्मेदार अफसर सब कुछ जानते हुए भी चुप्पी साधे हुए हैं जैसे उन्हें कुछ पता ही नही। ये दोनों शातिर गोरखपुर से दिन में 11 बजे के बाद अपने दफ्तर पहुंचते हैं और 3 बजे ही गोरखपुर वापस भाग जाते हैं।

आंदोलन लेगा विकराल रुप 

हड़ताली वकीलों ने कहा कि यह काम जिले की जनता, लोक जरूरतों समेत कानून के विपरीत है। जब तक कार्यालय को वापस जिला मुख्यालय शिफ्ट नहीं किया जायेगा तब तक उनका प्रदर्शन जारी रहेगा।

नही होने देंगे साजिश सफल

वकीलों ने घोषणा की कि वह भ्रष्ट अधिकारियों की साजिश को किसी भी कीमत पर सफल नहीं होने देंगे। इसके लिये जो भी संभव होगा, वह सब कुछ किया जायेगा। ताकि जिले की जनता को उनका जायज हक मिल सके और भ्रष्टाचार के आकंठ में डूबे अधिकारियों के सबक सिखाया जा सके।

 








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