Madhya Pradesh: ट्रक चालकों को अवकात बताने वाले कलैक्टर पर मोहन यादव सरकार ने लिया बडा़ एक्शन!

मुख्यमंत्री मोहन यादव ने कन्याल को कलेक्टर पद से हटाने का फैसला साझा करते हुए कहा कि उनकी सरकार में इस तरह की भाषा बर्दाश्त नहीं की जाएगी। पढ़िए डाइनामाइट न्यूज़ की पूरी रिपोर्ट

Updated : 3 January 2024, 3:48 PM IST
google-preferred

भोपाल: मध्य प्रदेश सरकार ने ट्रक चालकों के विरोध के बीच एक चालक की ‘‘औकात’’ को लेकर सवाल उठाने वाले शाजापुर जिला कलेक्टर किशोर कन्याल को उनके पद से हटा दिया है।

मुख्यमंत्री मोहन यादव ने बुधवार को कन्याल को कलेक्टर पद से हटाने का फैसला साझा करते हुए कहा कि उनकी सरकार में इस तरह की भाषा बर्दाश्त नहीं की जाएगी।

डाइनामाइट न्यूज़ संवाददाता के अनुसार मुख्यमंत्री कार्यालय (सीएमओ) के अनुसार, यादव के निर्देश पर कन्याल को शाजापुर कलेक्टर के पद से हटा दिया गया है।

राज्य सरकार ने बुधवार को एक आदेश जारी कर कन्याल को राज्य उप सचिव के पद पर स्थानांतरित कर दिया। नरसिंहपुर की कलेक्टर रिजु बाफना को शाजापुर का नया कलेक्टर बनाया गया है।

मंगलवार को एक ड्राइवर यूनियन के प्रतिनिधियों के साथ बैठक के दौरान कन्याल अपना आपा खो बैठे और बाद में उन्होंने कहा कि अगर उनके शब्दों से किसी को ठेस पहुंची है तो वह खेद व्यक्त करते हैं।

इस मामले में प्रतिक्रिया देते हुए मुख्यमंत्री यादव ने कहा, ‘‘प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के नेतृत्व में हम गरीबों के उत्थान के लिए काम करते हैं। कोई भी कितना भी बड़ा अधिकारी क्यों न हो, उसे गरीबों के काम और भावनाओं का सम्मान करना चाहिए। हमारी सरकार में इस तरह की भाषा बर्दाश्त नहीं की जाएगी।’’

यादव ने कहा कि वह खुद एक मजदूर के बेटे हैं।

मुख्यमंत्री ने कहा, 'मेरा मानना है कि जो अधिकारी ऐसी भाषा बोलते हैं वे क्षेत्र तैनाती के लायक नहीं हैं। मुझे उम्मीद है कि वहां तैनात अधिकारी (शाजापुर कलेक्टर के रूप में) इस तरह का व्यवहार नहीं करेंगे। मैं इससे दुखी हूं।’’

सोशल मीडिया पर मंगलवार को प्रसारित एक वीडियो क्लिप में कलेक्टर चालकों और अन्य लोगों से कानून अपने हाथ में नहीं लेने के लिए कहते हुए दिख रहे हैं, तभी चालकों के एक प्रतिनिधि ने उनसे अच्छे से बात करने के लिए कहा।

इस पर कन्याल को गुस्सा आ गया और उन्होंने संबंधित व्यक्ति से पूछा, ‘‘क्या करोगे तुम, क्या औकात है तुम्हारी?’’

उस व्यक्ति ने इसके जवाब में कहा कि वे यह लड़ाई इसलिए लड़ रहे हैं क्योंकि उनकी कोई ‘‘औकात’’ (सामाजिक प्रतिष्ठा) नहीं है।

इसके बाद एक पुलिसकर्मी ने उस व्यक्ति को वहां से हटा दिया।

कन्याल ने बाद में जिला कलेक्टर के आधिकारिक ‘एक्स’ अकाउंट पर एक वीडियो पोस्ट किया जिसमें कहा गया कि मंगलवार को लगभग 250 ट्रक और बस चालकों की बैठक बुलाई गई थी जिनमें से कई ने हंगामा किया और विरोध प्रदर्शन किया।

उन्होंने कहा, ‘‘बैठक उन्हें अपने मुद्दों को लोकतांत्रिक तरीके से उठाने के लिए आयोजित की गई थी लेकिन उनमें से एक चालक दूसरों को भड़काने की कोशिश कर रहा था और आंदोलन को तेज करने की धमकी दे रहा था जिसके कारण मैंने इन शब्दों का इस्तेमाल किया। अगर मेरे शब्दों से किसी को ठेस पहुंची है तो मैं खेद व्यक्त करता हूं।’’

उन्होंने कहा कि किसी को भी कानून हाथ में लेने की इजाजत नहीं दी जाएगी।

Published : 
  • 3 January 2024, 3:48 PM IST

Related News

No related posts found.

Advertisement
Advertisement