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लखनऊ: उत्तर प्रदेश की दस सीटों पर होने वाले राज्य सभा चुनाव में पूर्व केंद्रीय मंत्री स्वर्गीय अखिलेश दास की पत्नी अलका दास गुप्ता द्वारा नामांकन भरे जाने की चर्चाओं को आखिरकार विराम लग गया है। अल्का दास ने अंत में नामांकन पत्र भरने का अपना फैसला टाल दिया है। लेकिन उनके मैदान से हटने के बावजूद भी राज्यसभा चुनाव में वोटिंग की संभावना बनी हुई है।
दरअसल, यूपी राज्यसभा चुनाव के लिए समाजवादी पार्टी के समर्थन से प्रकाश बजाज ने निर्दलीय प्रत्याशी के रूप में नामांकन किया है। समाजवादी पार्टी के राम गोपाल यादव पहले ही नामांकन कर चुके हैं। इसलिये अब प्रकाश बजाज के निर्दलीय प्रत्याशी के रूप में और सपा के समर्थन से मैदान में उतरने के कारण निर्विरोध निर्वाचन की संभावनाएं फिलहाल खत्म हो गई है।
निर्दलीय प्रत्याशी के रूप में प्रकाश बजाज के मैदान में आने से बसपा उम्मीदवार रामजी गौतम के सामने संकट खड़ा हो गया है। प्रकाश बजाज को सपा का समर्थन मिलने से यह खेल और भी रौचक हो गया है।
यूपी की कुल 10 सीटों में से भाजपा के आठ और सपा के एक प्रत्याशी की जीत तय है लेकिन 10वीं सीट के लिये मुकाबला कड़ा हो गया है। ऐसे में इसका फैसला मतदान से ही संभव हो सकेगा।
राज्यसभा चुनाव के लिए दाखिल सभी नामांकन पत्रों की कल जांच होगी और उसके बाद आगे प्रक्रिया शुरू की जाएगी। अभी नामांकन वापसी की तिथि बाकी है, ऐसे में 10वीं सीट पर वोटिंग की पूरी तस्वीर नामांकन वापसी के बाद ही साफ होगी।
Published : 27 October 2020, 4:24 PM IST
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