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उत्तर प्रदेश पुलिस गांव महलों के सभ्रांत लोगों की मदद से अपराधों पर लगाम लगाएगी। यह जानकारी डीआईजी कानून व्यवस्था प्रवीण कुमार ने एक प्रेस ब्रीफिंग के दौरान दी।
लखनऊ: यूपी पुलिस कम्युनिटी पुलिसिंग प्रोग्राम चलाकर गांव-मोहल्लों में होने वाले अपराधों पर नकेल कसेगी। इस बारे में जानकारी देते हुए कानून व्यवस्था डीआईजी प्रवीण कुमार ने कहा कि अक्सर देखा गया है की गांव तथा शहरी क्षेत्रों में छोटे-मोटे झगड़े सांप्रदायिक रुप ले लेते हैं। इसके निस्तारण के लिए गांव मोहल्ले के लगभग 10 सभ्रांत लोगों का चयन किए जाने की योजना है। जिसमें गांव के प्रधान, पूर्व प्रधान समेत दूसरे लोगों को शामिल किया जाएगा।
डीआईजी ने कहा कि चयनित लोग अपने-अपने इलाके में होने वाले विवादों को सुलझाने में पुलिस की मदद करेंगे। वहीं बीट इंचार्ज हर महीने गांव मोहल्ले में जाकर इन सदस्यों से मीटिंग करेगें और उनसे बराबर संपर्क में रहेंगे। मीटिंग के दौरान बीट इंचार्ज द्वारा लड़कियों से छेड़छाड़ रोकने, इलाके में साफ-सफाई रखने और पशु तस्करी रोकने आदि के लिए ग्रुप के लोगों को प्रेरित किया जाएगा।
चुने गए 10 मेंबरों में से यदि कोई अपराधी को पकड़ने में पुलिस की मदद करेगा तो पुलिस द्वारा उसे सम्मानित भी किया जाएगा।
एटीएस के दिवंगत एएसपी राजेश साहनी की आत्महत्या पर डीआईजी ने कहा कि इस मामले की जांच जारी है, सारे तथ्य सामने आने के बाद ही रिपोर्ट को सार्वजनिक किया जायेगा।
Published : 4 June 2018, 7:24 PM IST
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