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सरकार द्वारा डॉ. राम मनोहर लोहिया अस्पताल का राम मनोहर लोहिया आयुर्विज्ञान संस्थान में विलय करने के आदेश के खिलाफ अस्पताल कर्मचारियों में भारी रोष है। पूरी खबर..
लखनऊ: राम मनोहर लोहिया अस्पताल का राम मनोहर लोहिया आयुर्विज्ञान संस्थान में विलय के आदेश से अस्पताल के कर्मचारियों में काफी आक्रोश है। बुधवार को राम मनोहर लोहिया अस्पताल परिसर में अस्पताल के कर्मचारी समेत कई सामाजिक संगठनों ने प्रदर्शन कर यूपी सरकार से विलय के फैसले को रद्द करने की मांग की है।
डाइनामाइट न्यूज़ से बातचीत करते हुए राम मनोहर लोहिया अस्पताल में काम करने वाली सीनियर नर्स मंजू सिंह ने बताया कि डॉक्टर राम मनोहर लोहिया अस्पताल का राम मनोहर लोहिया आयुर्विज्ञान संस्थान में विलय से दूर दराज से आकर यहां इलाज कराने वाले मरीजों को काफी मुसीबतें झेलनी पड़ेगी। अभी राम मनोहर लोहिया अस्पताल में ओपीडी में 1 रुपये का पर्चा बनता है, जिससे गरीब से गरीब मरीज अपना इलाज करा पाता है। लेकिन विलय के बाद 250 रूपये में पर्चा बनेगा, जिससे दूर-दराज से आने वाले गरीब और बेसहारा मरीजों को काफी मुश्किलें होंगी।
सामाजिक संगठनों ने भी इस आंदोलन को अपना समर्थन दिया है और उनका कहना है कि अगर सरकार ने अपने इस फैसले को वापस नहीं लिया तो वह कोर्ट जाकर सरकार के इस फैसले को रद्द कराने की मांग करेंगे।
Published : 6 June 2018, 4:27 PM IST
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