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लखनऊ: उत्तर प्रदेश में वक्फ बोर्ड से जुड़ी संपत्तियों में भारी धांधली और हेराफेरी से संबंधित मामले में शिया सेंट्रल वक्फ बोर्ड के पूर्व चैयरमैन वसीम रिजवी के खिलाफ सीबीआई ने अपना शिकंजा कसना कसना शुरू कर दिया गया है। संपत्तियों के अवैध तरीके से खरीद-फरोख्त के मामले में सीबीआइ ने वसीम रिजवी के खिलाफ दो एफआईआर दर्ज कर ली है।
जानकारी के मुताबिक राजधानी लखनऊ में सीबीआई की एंटी करेप्शन ब्रांच ने वसीम रिजवी दो अलग-अलग एफआईआर दर्ज की है। सीबीआई ने प्रयागराज की शहर कोतवाली व लखनऊ की हजरतगंज कोतवाली में वसीम रिजवी समेत अन्य के विरुद्ध दर्ज कराए मुकदमों को अपने केस का आधार बनाया है।
वसीम रिजवी पर वक्फ बोर्ड से जुड़ी संपत्तियों को अवैध तरीके से खरीदने, बेचने और हंस्तातरण करने जैसे कई संगीन आरोप हैं। एफआईआर दर्ज होने के बाद वसीम रिजवी की मूसीबत बढ़ सकती है।
सीबीआई की इन दोनों एफआईआर में शिया सेंट्रल वक्फ बोर्ड के पूर्व चेयरमैन वसीम रिजवी के अलावा लाभ पाने वाले नरेश कृष्ण सोमानी, विजय कृष्ण सोमानी, वक्फ बोर्ड के प्रशासनिक अधिकारी गुलाम सैयद रिजवी और निरीक्षक बाकर रजा को भी आरोपी बनाया गया है। इन सभी के खिलाफ सीबीआई जांच तेज हो सकती है।
गौरतलब है कि उत्तर प्रदेश की योगी सरकार ने 11 अक्टूबर 2019 को इन दोनों मामलों में सीबीआइ जांच की सिफारिश की थी। सीबीआइ अब शिया वक्फ बोर्ड की संपत्तियों में धांधली की सिलसिलेवार जांच शुरू करेगी। जिसके बाद केस से जुड़े आरोपियों पर शिकंजा कसा जायेगा।
Published : 20 November 2020, 11:48 AM IST
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