CBI की FIR के आधार पर ED ने भी यूपी चीनी मिल घोटाले के दर्ज किए केस

डीएन ब्यूरो

मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने 12 अप्रैल, 2018 को चीनी मिल घोटाले की सीबीआइ जांच कराने की सिफारिश की थी। मायावती के शाासनकाल में चीनी निगम की 10 संचालित व 11 बंद पड़ी चीनी मिलों को वर्ष 2010-2011 में बेचा गया था। इसी मामले में यह कार्रवाई हो रही है। डाइनामाइट न्‍यूज़ पर पढ़ें पूरी खबर..

सीबीआई, ईडी का लोगो और दायें तरफ मायावती
सीबीआई, ईडी का लोगो और दायें तरफ मायावती

लखनऊ: उत्‍तर प्रदेश के मायावती के शासनकाल के चीनी मिल घोटाले के मामले में अब ईडी ने भी मामले दर्ज किए हैं। ED ने इस संबंध CBI के केस को आधार बनाया है।  1100 करोड़ के चीनी मिल घोटाले में ईडी ने प्रिवेंशन ऑफ मनी लांड्रिंग एक्ट (पीएमएलए) के तहत केस दर्ज कर लिया है।

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केस दर्ज करने के लिए दिल्ली स्थित ईडी मुख्यालय से मंजूरी मिलते ही लखनऊ की ईडी ब्रांच ने यह कार्रवाई की है। ईडी ने FIR में मौजूद नामों के अलावा बसपा सुप्रीमो मायावती के करीबी रहे पूर्व आइएएस नेतराम समेत कई अफसरों पर शिकंजा कसेगी। 

चीनी मिल (फाइल फोटो)

गौरतलब है कि मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने 12 अप्रैल, 2018 को चीनी मिल घोटाले की सीबीआइ जांच कराने की सिफारिश की थी। मायावती के शाासनकाल में चीनी निगम की 10 संचालित व 11 बंद पड़ी चीनी मिलों को वर्ष 2010-2011 में बेचा गया था। सीबीआइ की लखनऊ कार्यालय की ओर से 2019 में ही केस दर्ज किया है।

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वहीं सीबीआई ने अपने केस का आधार लखनऊ के गोमतीनगर थाने में सात नवंबर 2017 को दर्ज कराई गई एफआइआर को बनाया है। 

सीबीआई ने पहले फर्जी दस्‍तावेजों के जरिये देवरिया, बरेली, लक्ष्मीगंज, हरदोई, रामकोला, छितौनी व बाराबंकी स्थित सात चीनी मिल खरीदने पर दिल्ली निवासी राकेश शर्मा व पत्‍नी सुमन शर्मा, गाजियाबाद निवासी धर्मेंद्र गुप्ता, सहारनपुर निवासी सौरभ मुकुंद, जावेद, वाजिद अली व नसीम अहमद पर केस दर्ज किया है। 

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