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भारत राष्ट्र समिति (बीआरएस) के सांसद बृहस्पतिवार को फैसला करेंगे कि उनकी पार्टी राष्ट्रीय राजधानी में 28 मई को नए संसद भवन के उद्घाटन समारोह में शामिल होगी या उसका बहिष्कार करेगी। पढ़िये पूरी खबर डाइनामाइट न्यूज़ पर
हैदराबाद: भारत राष्ट्र समिति (बीआरएस) के सांसद बृहस्पतिवार को फैसला करेंगे कि उनकी पार्टी राष्ट्रीय राजधानी में 28 मई को नए संसद भवन के उद्घाटन समारोह में शामिल होगी या उसका बहिष्कार करेगी।
ज्ञात हो कि कांग्रेस सहित 19 विपक्षी दलों ने उद्घाटन समारोह का बहिष्कार करने की घोषणा की है। बीआरएस के प्रमुख और तेलंगाना के मुख्यमंत्री के चंद्रशेख राव को प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी और केंद्र की सत्तारूढ़ भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) का कटु आलोचक माना जाता है। पिछले कुछ समय से वह विपक्षी दलों के भाजपा के खिलाफ एकजुट करने का भी प्रयास करते रहे हैं।
तेलंगाना की सत्तारूढ़ पार्टी ने पहले मांग की थी कि राष्ट्र निर्माण और भारत का संविधान बनाने में डॉ. बी. आर. आंबेडकर के योगदान को सम्मान देने के लिए नए भवन का नाम उनके नाम पर रखा जाए।
बीआरएस संसदीय दल के नेता के केशव राव ने डाइनामाइट न्यूज़ से कहा, ‘‘उद्घाटन कार्यक्रम में शामिल होना है या नहीं, इस पर हम कल (25 मई) फैसला करेंगे।’’
उद्घाटन समारोह के बहिष्कार की घोषणा करने वाले विपक्षी दलों ने नए संसद भवन का उद्घाटन राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू से कराने की मांग की थी। उनका कहना है कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी से संसद भवन का उद्घाटन कराने का फैसला लोकतंत्र पर सीधा हमला है। उन्होंने आरोप लगाया कि इस सरकार के कार्यकाल में संसद से लोकतंत्र की आत्मा को निकाल दिया गया है और समारोह से राष्ट्रपति को दूर रखना ‘अशोभनीय कृत्य’ है।
लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला के निमंत्रण पर प्रधानमंत्री मोदी 28 मई को नए संसद भवन का उद्घाटन करेंगे।
बीआरएस के एक सांसद ने कहा कि पार्टी सुप्रीमो एवं मुख्यमंत्री के चंद्रशेखर राव नेताओं से परामर्श करेंगे और समारोह में शामिल होने को लेकर निर्णय करेंगे।
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