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नई दिल्ली: सड़क से संसद तक को गरमाने वाले पेगासस जासूसी मामले में सुप्रीम कोर्ट ने बुधवार को अपना फैसला सुना दिया। देश की शीर्ष अदालत ने पेगासस मामले की स्वतंत्र जांच की मांग करने वाली याचिकाओं पर अपना फैसला सुनाया। अदालत ने इस फैसले में पेगासस जासूसी केस की जांच एक्सपर्ट कमेटी से कराने का आदेश दिया। कोर्ट ने सख्त टिप्पणी करते हुए यह भी कहा कि लोगों की जासूसी किसी भी कीमत पर मंजूर नहीं की जा सकती।
सुप्रीम कोर्ट ने पेगासस केस की जांच के लिये एक एक्सपर्ट कमेटी गठित की है और जांच करने के लिए 8 सप्ताह का समय दिया है। इससे पहले चीफ जस्टिस एनवी रमन, न्यायमूर्ति सूर्य कांत और न्यायमूर्ति हिमा कोहली की पीठ ने 13 सितंबर को मामले पर अपना फैसला सुरक्षित रख लिया था। पीठ ने तब मौखिक टिप्पणी की थी कि वह मामले की जांच के लिए तकनीकी विशेषज्ञ समिति का गठन करेगी।
सुप्रीम कोर्ट ने कहा कि रिटायर्ड जस्टिस आरवी रवींद्रन की अगुवाई में यह एक्सपर्ट कमेटी अब इस केस की जांच करेगी। डाइनामाइट न्यूज की इस रिपोर्ट में जानिये सुप्रीम कोर्ट द्वारा गठित इस एक्सपर्ट कमेटी में कौन-कौन सदस्य हैं शामिल।
रिटायर्ड जस्टिस आरवी रवींद्रन की अगुवाई बनी एक्सपर्ट कमेटी के सदस्य
1. आलोक जोशी, 1976 बैच के पूर्व आईपीएस अधिकारी।
2. डॉ. संदीप ओबेरॉय, अध्यक्ष, उप समिति (अंतर्राष्ट्रीय मानकीकरण संगठन/अंतर्राष्ट्रीय इलेक्ट्रो-तकनीकी आयोग/संयुक्त तकनीकी)
तकनीकी समिति के सदस्य
3. डॉ नवीन कुमार चौधरी, प्रोफेसर (साइबर सिक्योरिटी और डिजिटल फोरेंसिक) और डीन, राष्ट्रीय फोरेंसिक विज्ञान विश्वविद्यालय, गांधीनगर, गुजरात।
4. डॉ. प्रभारन पी., प्रोफेसर (इंजीनियरिंग स्कूल), अमृता विश्व विद्यापीठम, अमृतापुरी, केरल।
5. डॉ अश्विन अनिल गुमस्ते, इंस्टीट्यूट चेयर एसोसिएट प्रोफेसर (कंप्यूटर साइंस एंड इंजीनियरिंग), इंडियन इंस्टीट्यूट ऑफ टैक्नोलॉजी, मुंबई।
Published : 27 October 2021, 6:18 PM IST
Topics : Expert Committee Pegasus spyware case Supreme Court एक्सपर्ट कमेटी चीफ जस्टिस जांच पेगासस जासूसी सुप्रीम कोर्ट