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नई दिल्ली : खरमास का हिन्दू धर्म में बहुत ही खास महत्व होता है। ज्योतिषीय के अनुसार खरमास के दौरान लोगों के मन अनेक प्रकार की चचंलता आ जाती है, इसके अलावा कुछ और ज्योतिषीय कारणों की वजह से खरमास में कोई भी शुभ कार्य नहीं जाते हैं। बता दें कि इस बार खरमास 16 दिसंबर से लेकर 14 जनवरी तक रहने वाला है।
नहीं की जाएंगी शादी
हमें वैसे बताने की जरुरत नहीं है कि शादी किस उद्देश्य के साथ की जाती है, हम सभी जानते है कि शादी जिंदगी की एक नई शुरुआत के लिए की जाती है। जिसको लेकर सभी की ये कामना होती हैं कि शादी सुख और समृद्धी से भरी हो। लेकिन खरमास के समय सूर्य धनुराशि में चला जाता है, जिसे सुख और समृद्धी के लिए अच्छा नहीं माना जाता है। खरमास के समय में शादी करने से जोड़े को ना तो भावनात्मक सुख मिलता है, और ना ही शारीरिक सुख मिलता है।
नया घर और जमीन
कहते है कि खरमास के समय नए घर नहीं बनाने चाहिए, क्योंकि इस दौरान बने घर का सुख लोगों को बहुत ही कम मिलता है। खरमास में बनाए जाने वाले घर ज्यादातर कमजोर होते है, और उनमें रहने से सुख नही मिलता है।
खरमास इन वजह से नहीं किए जाते कोई भी शुभ कार्य
ज्योतषीय भाषा में कहे तो खरमास के महीने में सूर्यदेव धनु और मीन राशि में आ जाते है, जिसकी वजह से बृहस्पति ग्रह का प्रभाव कम होने लगता है। बता दें कि बृहस्पति ग्रह को शुभ और मंगल कार्यो का देवता माना जाता है। वहीं इसे लड़कियों की शादी का कारक भी माना जाता है। बृहस्पति कमजोर रहने से लड़कियों की शादी में देरी होती है।
Published : 15 December 2021, 6:10 PM IST
Topics : December Kharmas 2021 खरमास मंगल काम शादी
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