हिंदी
मथुरा: अखिल भारतीय तीर्थ पुरोहित महासभा ने बुधवार को कहा कि भीमाशंकर ज्योतिर्लिंग असम में होने से संबंधित राज्य सरकार का दावा धार्मिक इतिहास को विकृत करने का प्रयास है।
अखिल भारतीय तीर्थ पुरोहित महासभा के अध्यक्ष महेश पाठक ने यहां संवाददाताओं से कहा कि असम सरकार ने राज्य में स्थित भीमाशंकर को देश के 12 ज्योतिर्लिंगों में से एक बताते हुए अखबारों में पूरे पन्ने का विज्ञापन दिया।
उन्होंने कहा कि विज्ञापन के माध्यम से महाशिवरात्रि के अवसर पर असम में भीमाशंकर ज्योतिर्लिंग के दर्शन करनेका आह्वान भी किया गया है।
डाइनामाइट न्यूज़ संवाददाता के अनुसार पाठक ने दावा किया कि ज्योतिर्लिंग भीमाशंकर महाराष्ट्र में है न कि असम में।
उन्होंने कहा कि असम सरकार के कृत्य ने पुजारियों की संस्था के सदस्यों के साथ-साथ भगवान शिव के भक्तों की भावनाओं को आहत किया है।
Published : 16 February 2023, 3:27 PM IST
No related posts found.