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जालौर: राजस्थान में स्थित अंतरराष्ट्रीय बॉर्डर पर पाकिस्तानी सीमा से सटे राजमार्ग-925ए पर भारतीय वायुसेना के लड़ाकू विमानों ने इमरजैंसी लैंडिंग करके नया इतिहास रच दिया है। जालौर में गुरुवार को बाड़मेर हाइवे पर स्पेशल एयरस्ट्रिप की शुरुआत हुई। इस मौके पर केंद्रीय रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह, केंद्रीय परिवहन मंत्री नितिन गडकरी, एयर चीफ मार्शल आरकेएस भदौरिया, चीफ ऑफ डिफेंस स्टाफ जनरल बिपिन रावत समेत कई दिग्गज मौजूद रहे।
पाकिस्तान से सटी सीमा पर सुखोई और जगुआर लड़ाकू विमानों की शानदार लैंडिंग होते ही पूरा क्षेत्र तालियों से गूंज उठा। वायुसेना के लड़ाकू विमानों ने यहां पर अपना दम दिखाया और हाइवे पर लैंडिंग की। इस एयरस्ट्रिप के साथ-साथ तीन हैलिपेड भी तैयार किये गये हैं, जो केवल युद्ध ही नहीं बल्कि प्राकृतिक समेत तमाम तरह की आपदा के समय भारतीय वायु सेना के लिये एक मील का पत्थर साबित होंगे।

इस मौके पर रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने कहा कि पाकिस्तान बॉर्डर से ये एयरस्ट्रिप कुछ ही दूरी पर है, यह सिद्ध करता है कि भारत किसी भी चुनौती के लिए हमेशा तैयार है। तीन किमी. लंबे इस स्ट्रेच को 19 महीने में तैयार किया गया है, कोरोना काल में भी इसे तैयार किया गया है।

राजनाथ सिंह ने कहा कि एयरस्ट्रिप के साथ-साथ तीन हैलिपेड भी तैयार हुए हैं, ऐसे में सिर्फ युद्ध ही नहीं बल्कि प्राकृतिक आपदा या किसी अन्य आपदा के वक्त भी ये काफी काम आएंगे। भारत की तीनों सेनाएं आम लोगों की मदद करने के लिए हमेशा तैयार हैं।

रक्षा मंत्री ने कहा कि बॉर्डर पर सेनाओं ने हमेशा साथ दिया है। देश के अलग-अलग हिस्सों पर हाइवे पर 20 जगहों पर ऐसी एयरस्ट्रिप तैयार हो रही हैं, अलग-अलग जगहों पर हैलिपेड भी बनाए जा रहे हैं।
इस मौके पर केंद्रीय मंत्री नितिन गड़करी ने कहा कि हम लोग प्रतिदिन 2 किलोमीटर सड़क बनाने तक आए थे। कोरोना के बावजूद भी हमने प्रतिदिन 38 किलोमीटर सड़क बनाया है जो दुनिया में सबसे ज़्यादा है। मुंबई और दिल्ली के बीच हमलोग एक्सप्रेस हाईवे बना रहे हैं जिसका 60-65% काम पूरा हुआ है।
Published : 9 September 2021, 12:46 PM IST
Topics : emergency landing Indian air force Jalore Rajasthan इमरजैंसी लैंडिंग जालोर राजस्थान वायु सेना विमान हाईवे