प्रधान न्यायाधीश एवं शीर्ष अदालत के अन्य न्यायाधीशों को प्राण प्रतिष्ठा समारोह के लिए निमंत्रण

अयोध्या में विवादित स्थल पर राम मंदिर के निर्माण का मार्ग प्रशस्त करने वाली संविधान पीठ का हिस्सा रहे प्रधान न्यायाधीश डी वाई चंद्रचूड़ सहित उच्चतम न्यायालय के पांच न्यायाधीशों को 22 जनवरी के प्राण प्रतिष्ठा समारोह में राजकीय अतिथि के रूप में आमंत्रित किया गया है। पढ़िये डाइनामाइट न्यूज़ की पूरी रिपोर्ट

Updated : 19 January 2024, 7:06 PM IST
google-preferred

नयी दिल्ली:  अयोध्या में विवादित स्थल पर राम मंदिर के निर्माण का मार्ग प्रशस्त करने वाली संविधान पीठ का हिस्सा रहे प्रधान न्यायाधीश डी वाई चंद्रचूड़ सहित उच्चतम न्यायालय के पांच न्यायाधीशों को 22 जनवरी के प्राण प्रतिष्ठा समारोह में राजकीय अतिथि के रूप में आमंत्रित किया गया है।

डाइनामाइट न्यूज़ संवाददाता के मुताबिक  मौजूदा प्रधान न्यायाधीश चंद्रचूड़ के अलावा, तत्कालीन प्रधान न्यायाधीश रंजन गोगोई और पूर्व प्रधान न्यायाधीश एस ए बोबडे, पूर्व न्यायाधीश अशोक भूषण और एस अब्दुल नजीर उस पीठ का हिस्सा थे जिसने नौ नवंबर 2019 को यह ऐतिहासिक फैसला सुनाया था।

उत्तर प्रदेश सरकार द्वारा समारोह में आमंत्रित किये गए 50 से अधिक न्यायविदों में पूर्व प्रधान न्यायाधीश, अन्य न्यायाधीश और शीर्ष वकील तथा ‘रामलला’ के वकील के. परासरन भी शामिल हैं।

सॉलिसीटर जनरल तुषार मेहता और पूर्व अटार्नी जनरल के.के. वेणुगोपाल भी आमंत्रित किये गए हैं।

मंदिर न्यास के अनुसार, राजनीतिक नेताओं, सेलिब्रिटी, उद्योगपति, संत सहित 7,000 से अधिक लोग समारोह में शामिल होने वाले हैं।

उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के विशेष सचिव (प्रोटोकॉल) द्वारा निमंत्रण भेजा गया है।

राम मंदिर प्राण प्रतिष्ठा समारोह 22 जनवरी को होना है।

 

Published : 
  • 19 January 2024, 7:06 PM IST

Related News

No related posts found.

Advertisement
Advertisement