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नई दिल्ली: इस साल का पहला शनि अमावस्या कल यानी 17 मार्च को है। शनिवार को पड़ने वाली अमावस्या को शनैश्चरी अमावस्या भी कहा जाता है। इस दिन अमावस्या होने से शनिवार का महत्व बढ़ जाता है, इसलिये जीवन में इसका बड़ा महत्व माना जाता है ।
दोष मुक्ति के उपाय
ज्योतिष की माने तो शनिश्चरी अमावस्या का बहुत महत्व होता है। इस दिन शनि देव को प्रसन्न कर शनि के दोष से मुक्ति पा सकते हैं। इस दिन शनिदेव को खुश करने के लिए तिल, जौ और तेल का दान करना शुभ माना जात है। यह अमावस्या मोक्षदायिनी भी कहलाती है। शनिदेव के दुष्प्रभाव से बचने के लिए शनिवार के दिन काली गाय की सेवा करें। इस दिन गाय को रोटी खिलाएं और माथे पर सिंदूर का तिलग लगाएं।
करें पिंड दान और तर्पण
इस दिन पवित्र नदियों में स्नान करके पितरों के निमित्त पिंड दान, तर्पण, दान आदि किए जाते हैं। शनि अमावस्या के दिन शनि के मंत्र का जाप करके उड़द दाल की खिचड़ी या तिल से बने पकवान दान करने से शनि दोष से मुक्ति मिलती है।
सभी मनोकामनाएं पूरी
ज्योतिष के मुताबिक इस दिन शनिदेव को तेल से अभिषेक कर सुगंधित इत्र, इमरती का भोग लगाने, नीला फूल चढ़ाने के साथ मंत्र का जाप करने से शनि की पीड़ा से मुक्ति मिलती है। इस दिन सच्चे मन से की गई शनिदेव की पूजा से सभी मनोकामनाएं पूरी होती हैं।
Published : 16 March 2018, 12:34 PM IST
Topics : अमावस्या महत्व शनि आमावस्या शनि दोष शनिवार शनिश्चरी अमावस्या
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