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जालंधर: राष्ट्रीय मानसिक स्वास्थ्य कार्यक्रम के सलाहकार डॉ नरेश पुरोहित ने कहा कि डिजिटल उपकरणों के शुरुआती संपर्क और लत से बच्चों में तेजी से वृद्धि हुई है, जिससे उनके मानसिक और शारीरिक स्वास्थ्य पर प्रतिकूल प्रभाव पड़ रहा है।
पंजाब के शहरी एवं ग्रामीण बच्चों में मोबाइल फोन की लत पर चिंता जताते हुए डॉ पुरोहित ने सोमवार को यहां यूएनएल को बताया कि मोबाइल फोन स्क्रीन के ज्यादा इस्तेमाल से बच्चाें के दिमागी विकास पर असर पड़ता है। उन्होंने कहा कि जामा पीडियाट्रिक्स में प्रकाशित एक हालिया अध्ययन के अनुसार महामारी की शुरुआत के बाद से बच्चों द्वारा स्क्रीन पर घूरने का औसत समय 52 प्रतिशत बढ़ गया है।
उन्होंने कहा कि न केवल बच्चों में बल्कि वयस्कों में भी मोबाइल फोन की लत में काफी वृद्धि हुई है, लेकिन ये स्मार्ट फोन आमतौर पर बच्चों में नकारात्मक मानसिक स्वास्थ्य पहलुओं को छोड़ देते हैं क्योंकि उनका दिमाग विकासशील चरण में होता है। (वार्ता)
Published : 23 January 2023, 5:49 PM IST
Topics : Health Mentally Mobile Addiction कार्यक्रम बच्चा मानसिक स्वस्थ्य मोबाइल राष्ट्रीय मानसिक स्वास्थ्य शारीरिक स्वास्थ्य
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