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सूबे के सीएम योगी आदित्यनाथ जहां राज्य के हर व्यक्ति को चाक-चौबंद सुरक्षा औऱ त्वरित न्याय दिलाने के प्रयासों में जुटे हुए हैं, वहीं फतेहपुर पुलिस और जीआरपी सरकार की मंशा पर पानी फेरती हुई नजर आ रही है। एक्सक्लूसिव रिपोर्ट..
फतेहपुर: मदारीपुर-कला गांव के 25 वर्ष के नौजवान बृजेश की मौत का रहस्य अभी भी अबूझ पहेली बना हुआ है। दो माह पूर्व हुई बृजेश की संदिग्ध मौत की गुत्थी को अभी तक सुलझाने में फतेहपुर पुलिस और जीआरपी बुरी तरह नाकाम है। मृतक के परिजनो को इंसाफ नही मिल पा रहा है। नामजद एफआईआर दर्ज होने के बाद भी कार्यवाही न करने पर पुलिस के रवैये पर सवाल खड़े हो गय हैं। क्या कोई सफेदपोश पुलिस के रास्ते का रोड़ा बन रहा है?
@spgrpallahabad कृपया सूचनार्थ एवं आवश्यक कार्यवाही हेतु।
— GRP UTTAR PRADESH (@upgrp) February 2, 2018
यह भी पढ़ें: कैसे हुई बृजेश की मौत.. सवालों के घेरे में जीआरपी और फतेहपुर पुलिस..
बृजेश की मौत के रहस्य को उजागर करने के लिये डाइनामाइट न्यूज़ की टीम फतेहपुर के उस रामवा स्टेशन के रेलवे ट्रैक पर पहुंची, जहां बृजेश का शव मिला था।
@fatehpurpolice - Kindly look into it.
— UP POLICE (@Uppolice) February 2, 2018
मौका-ए-वारदात पर डाइनामाइट न्यूज़ से बातचीत करते हुऐ मृतक बृजेश के भाई दिनेश ने बताया कि जब 1 दिसंबर को जीआरपी को बृजेश का शव मिला था तब जीआरपी ने इसका वीडियो भी बनाया था। इस वीडियो में साफ है कि शव स्थल से शहजादेपुर की तरफ 70-80 मीटर तक खून के निशान थे। दिनेश ने यह भी बताया कि जीआरपी ने उससे कहा था कि यह एक्सिडेंट नहीं, बल्कि हत्या है। दिनेश ने कहा कि मौके पर उसको शव नहीं मिला था, जीआरपी उसे 1 दिसंबर को ही पोस्टमार्टम के लिये भेज दिया था।
बृजेश के मौत के मामले में तीन लोगों के खिलाफ एफआईआर भी दर्ज की जा चुकी है, लेकिन अभी तक किसी के खिलाफ भी कार्यवाही नहीं हो सकी, जिसे लेकर बृजेश के परिजनो में खासा रोष है।
Published : 2 February 2018, 8:11 PM IST
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