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नयी दिल्ली: सरकार ने डीजल के निर्यात पर लगने वाले अप्रत्याशित लाभ कर में बढ़ोतरी करते हुए इसे एक रुपये रुपये प्रति लीटर कर दिया जबकि घरेलू स्तर पर उत्पादन किए जाने वाले कच्चे तेल पर कर में कटौती की गई है।
सरकार की तरफ से 20 मार्च को जारी एक आदेश में यह जानकारी दी गई। इसमे बताया गया कि ओएनजीसी जैसी तेल उत्पादक कंपनियों के कच्चे तेल उत्पादन पर लगने वाले शुल्क को 4,400 रुपये प्रति टन से घटाकर 3,500 रुपये प्रति टन कर दिया गया है। डीजल निर्यात पर कर 0.50 रुपये प्रति लीटर से बढ़ाकर एक रुपये प्रति लीटर किया गया है। विमान ईंधन एटीएफ पर लगने वाले कर में कोई बदलाव नहीं है और यह शून्य बना हुआ है।
आदेश में कहा गया कि नई कर दरें 21 मार्च से प्रभाव में आएंगी।
जमीन एवं समुद्र के भीतर से उत्खनित कच्चे तेल का शोधन कर उसे पेट्रोल, डीजल एवं विमान ईंधन जैसे अलग-अलग ईंधनों में परिवर्तित किया जाता है।
बीते चार मार्च को सरकार ने डीजल के निर्यात पर लगने वाले अप्रत्याशित लाभ कर में कटौती करते हुए 0.50 रुपये प्रति लीटर करने के साथ ही विमान ईंधन एटीएफ पर लगने वाले कर को शून्य कर दिया था।
सरकार ने गत वर्ष जुलाई में पहली बार तेल उत्पादक कंपनियों पर अप्रत्याशित लाभ कर लगाया था।
Published : 21 March 2023, 12:50 PM IST
Topics : अप्रत्याशित लाभ उत्पादन डीजल नयी दिल्ली निर्यात लीटर
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