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लखनऊ: लोकसभा चुनाव 2024 के समर में उतरने के लिए सभी राजनीतिक पार्टियां कमर कसने लगी है। सबसे ज्यादा 80 लोकसभा सीटों वाला उत्तर प्रदेश पर सभी दलों की सियासत का सबसे चुनावी केंद्र है। दिल्ली की सत्ता का रास्ता यूपी से होकर ही निकलता है। इसलिये लगातार तीसरी बार सत्ता में काबिज होने के लिए भाजपा ने उत्तर प्रदेश के लिये खास फार्मूला तैयार कर दिया है।
80 लोकसभा सीटों में 20 क्लस्टर
जानकारी के मुताबिक भारतीय जनता पार्टी ने इस बार उत्तर प्रदेश की सभी 80 लोकसभा सीटों पर जीत सुनिश्चित करने के लिए खास रणनीति तैयार की है। भाजपा ने सभी सीटों पर जीत के फार्मूले को आसान बनाने के लिए 80 लोकसभा सीटों को 20 क्लस्टर में विभाजित किया है।
15 और 5 के 2 क्लस्टर
सूत्रों के मुताबिक भाजपा ने सभी 20 क्लस्टरों को भी 5 और 15 सीटों के दो क्लस्टरों में बांटा है। इनमें 5 क्लस्टरों वे सीट शामिल है, जिन पर भाजपा को हार का सामना करना पड़ा या फिर वोट पैटर्न के हिसाब से जहां उसे कम वोट मिले। 15 क्लस्टर वे क्लस्टर हैं, जहां भाजपा को जीत मिली और उसका प्रदर्शन सबसे बेहतर रहा।
क्लस्टरों की जिम्मेदारी तय
डाइनामाइट न्यूज़ संवाददाता के मुताबिक सभी 20 क्लस्टरों की जिम्मेदारी भी भाजपा ने तय कर दी है। यूपी की योगी सरकार के मंत्रियों और वरिष्ठ नेताओं को इन क्लस्टरों का प्रभारी नियुक्त कर दिया गया है।
सुरेश खन्ना को बड़ी जिम्मेदारी
भाजपा ने योगी सरकार में वित्त मंत्री सुरेश खन्ना को लखनऊ के साथ ही उन्नाव, मोहनलालगंज, रायबरेली का भी प्रभारी बनाया गया है।
क्लस्टर और प्रभारियों की सूची
कृषि मंत्री सूर्य प्रताप शाही आजमगढ़, मऊ, बलिया का जिम्मा दिया गया है। सुरेश राणा को बरेली, पीलीभीत, आंवला का प्रभारी बनाया गया है। इसी तरह असीम अरुण को हाथरस, मथुरा और अलीगढ़, दयाशंकर सिंह को अयोध्या और अंबेडकरनगर, धर्मपाल सिंह को कैसरगंज, बहराइच, श्रावस्ती,गोंडा का प्रभारी बनाया गया है। अन्य क्लस्टर पर भी जल्द प्रभारियों की नियुक्ति की जायेगी।
Published : 13 January 2024, 6:30 PM IST
Topics : उत्तर प्रदेश भाजपा रणनीति लखनऊ लोकसभा चुनाव
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