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नयी दिल्ली: नागर विमानन महानिदेशालय (डीजीसीए) की योजना अगले एक-दो साल में 400 तकनीकी कर्मियों की भर्ती कर इनकी संख्या 1,100 करने और कार्यालयों की संख्या बढ़ाकर 19 करने की है। डीजीसीए के प्रमुख अरुण कुमार ने बताया कि नियामक सुरक्षा निरीक्षण क्षमताओं को मजबूत कर रहा है।
कुमार लगभग चार साल तक इस पद पर सेवा करने के बाद 28 फरवरी को सेवानिवृत्त हो रहे हैं। उन्होंने अपने कार्यकाल को उतार-चढ़ाव से भरपूर बताया, जिसमें विमानन सुरक्षा में सुधार के लिए कई कदम उठाए गए और डीजीसीए को स्पाइसजेट के मामले में इंजन व सुरक्षा को लेकर व अन्य कई मुश्किलों का भी सामना करना पड़ा।
भारत ने विमानन सुरक्षा निगरानी रैंकिंग में 112वें स्थान से बड़ी छलांग लगाते हुए 55वां स्थान हासिल किया है।
कुमार ने साक्षात्कार के दौरान डाइनामाइट न्यूज़ को बताया, “देश की विमानन सुरक्षा निगरानी रैंकिंग में उल्लेखनीय सुधार हुआ है और डीजीसीए ने अपने वार्षिक निगरानी कार्यक्रम में चार हजार से ज्यादा बिंदुओं की जांच, निरीक्षण या रात्रि निगरानी की।”
इस समय डीजीसीए में लगभग 1,300 कर्मी हैं, जिनमें 700 तकनीकी कर्मी हैं।
उन्होंने कहा, “अगले एक-दो साल में तकनीकी कर्मियों की संख्या में 400 की और वृद्धि हो सकती है... साथ ही विभिन्न स्थानों पर डीजीसीए के कार्यालयों की संख्या 14 से बढ़ाकर 19 की जाएगी।’’
कार्यकाल के बारे में पूछने पर 1989 के हरियाणा कैडर के भारतीय प्रशासनिक सेवा (आईएएस) के अधिकारी कुमार ने कहा कि उनका कार्यकाल उतार-चढ़ाव भरा रहा।
Published : 26 February 2023, 4:54 PM IST
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