देवरिया के लाल वैभव रॉय बोले- गुमनाम प्रतिभाओं को नई पहचान दिलाने का करूंगा प्रयास

डीएन संवाददाता

भोजपुरी फिल्मों के साथ टीवी चैनल सीरियलों में खलनायक की सफल भूमिका निभा चुके देवरिया के वैभव राय ने 'सुरों का दंगल-2' सीजन के दौरान डाइनामाइट न्यूज से खास बातचीत की। डाइनामाइट न्यूज़ की इस रिपोर्ट में जानिये, क्या बोले वैभव..


देवरिया: प्रतिभा ईश्वरीय उपहार होती है जो ग्रामीण क्षेत्रों समाज के हर वर्ग में छिपी पड़ी है। आवश्यकता है तो उन्हें पहचानने, उभारने, प्रशिक्षण और प्रोत्साहन के साथ संरक्षण देने की है। यह बातें भोजपुरी फिल्मों के साथ टीवी चैनलों के सीरियलों में खलनायक की सफल भूमिका और कलाकार के रूप में एक महत्वपूर्ण स्थान बना चुके देवरिया जिले के छपौली निवासी वैभव रॉय ने कही।

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वैभव रॉय ने ‘सुरों का दंगल सीजन 2’ के सेमीफाइनल के आयोजन के दौरान डाइनामाइट न्यूज से बातचीत में कहा कि देवरिया से होने के नाते वह इस जनपद की प्रतिभावों को गुमनामी से निकाल कर समाज में उन्हें नई पहचान दिलाने के प्रयास में हैं।

 

 

देवरिया जनपद में विभिन्न स्थानों पर हुई प्रतियोगिता से निकल कर सेमीफाइनल तक पहुँचे प्रतिभागियों में अमित सम्राट, हकीम अंसारी, मोनू ब्यास, दीपलक्ष्मी, अनूप, अविनाश अकेला, शिल्पी राज, विवेक दुबे, प्रीतम प्यारे, प्रेम चंद, राहुल, अनामिका, राजा, अभिषेक, अभिलाष, रामजतन, धर्मबीर अमित शर्मा, अजित, श्याम जी, विवेक रे, शनि सरगम, मनीष आदि ने अपनी प्रस्तुति से जजेज को निर्णय लेने में संकट पैदा कर दिया। एक से बढ़ के एक प्रस्तुतियों पर भीड़ देर रात तक आनन्दित होती रही।

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उभरते हुए गायकों की प्रस्तुतियों को और अच्छा करने के लिए ‘सुरों का दंगल सीजन 2’ के  जज रामलगन यादव, पूनम मणि ने खुद गाने गाकर आये हुए सभी प्रतिभागियों को टिप्स दिये। इस कार्यक्रम में भोजपुरी फिल्मों के निर्माता भी मौजूद रहे।
 

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