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नई दिल्ली: दिल्ली पुलिस के विशेष प्रकोष्ठ ने मादक पदार्थ बनाने वाले दो लोगों को गिरफ्तार कर एक अंतरराज्यीय गिरोह का पर्दाफाश किया। अधिकारियों ने बृहस्पतिवार को कहा कि ये लोग राष्ट्रीय राजधानी और पड़ोसी राज्यों में मादक पदार्थ तस्करों को हेरोइन की आपूर्ति किया करते थे।
उन्होंने बताया कि मोहम्मद आलम (44) और परमानंद (44) के पास से उम्दा गुणवत्ता की दो किलोग्राम हेरोइन बरामद हुई है जिसकी कीमत 10 करोड़ रुपये बताया जा रही है।
आरोपियों ने इस हेरोइन को कथित रूप से उत्तर प्रदेश के बरेली जिले में संवर्द्धित किया था और उसकी दिल्ली-एनसीआर तथा अन्य राज्यों में आपूर्ति करते थे।
पुलिस ने बताया कि यह गिरोह दिल्ली, एनसीआर, पश्चिमी उत्तर प्रदेश और राजस्थान में मादक पदार्थ तस्करों को लंबे समय से हेरोइन की आपूर्ति कर रहा था।
पुलिस उपायुक्त (विशेष प्रकोष्ठ) आलोक कुमार ने बताया कि मुखबिर से मिली सूचना के आधार पर आठ अप्रैल को कार्रवाई करते हुए पुलिस ने गाजीपुर मंडी में जाल बिछाया और उत्तर प्रदेश के बरेली तथा बदायूं जिलों के रहने वाले आलम तथा परमानंद को गिरफ्तार कर लिया।
कुमार ने कहा, ‘‘आलम ने बताया कि वह पिछले दो साल से दिल्ली, पंजाब और उत्तर प्रदेश में हेरोइन की आपूर्ति कर रहा है। उसे यह खेप परमानंद से मिली है।’’
अधिकारी ने बताया, परमानंद ने बताया कि 2001 में उसे उत्तर प्रदेश सरकार से अपनी जमीन पर अफीम की खेती करने का लाइसेंस मिल गया था। उन्होंने कहा, अफीम की खेती करने के बाद उसने ज्यादातर फसल सरकार को सौंप दी, लेकिन नजर बचाकर कुछ अपने पास रख ली।
उन्होंने बताया, ‘‘उसने यह अफीम ‘काले बाजार’ में बेच दी। उस वक्त उसने स्थानीय स्तर पर उपलब्ध वस्तुओं की मदद से हेरोइन बनाना सीखा और उत्पादन करने लगा। वह पिछले करीब 20 साल से इस धंधे में है। उसका मुख्य काम हेरोइन तैयार करना था जबकि आलम ग्राहकों को संभालता था।’’
पुलिस ने कहा, परमानंद पहले भी मादक पदार्थ तस्करी के दो मामलों में संलिप्त रहा है और कोविड महामारी के दौरान जमानत पर बाहर आया था।
उन्होंने बताया कि आगे की जांच की जा रही है।
Published : 14 April 2023, 10:37 AM IST
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