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नयी दिल्ली: दिल्ली उच्च न्यायालय ने डीटीसी की बसों में ट्रांसजेंडर को तीसरे लिंग के तौर पर मान्यता देने पर फैसला करने के लिए दिल्ली सरकार को एक और महीने का समय दिया है।
अदालत ने आदेश में कहा कि निर्देश का अनुपालन नहीं किए जाने पर दिल्ली परिवहन निगम (डीटीसी) के प्रबंध निदेशक को 18 अगस्त को उसके समक्ष पेश होना होगा।
अदालत ने यह आदेश खंडपीठ द्वारा अक्टूबर 2022 को दिए गए आदेश को ‘जानबूझकर लागू नहीं’ करने को लेकर दायर अवमानना याचिका पर सुनाया। उक्त आदेश में अदालत ने चार महीने में इस मुद्दे पर फैसला करने को कहा था।
उल्लेखनीय है कि खंडपीठ ने ट्रांसजेंडर समुदाय के व्यक्ति द्वारा दायर जनहित याचिका पर फैसला सुनाया था। याचिका में समुदाय को डीटीसी के टिकटों में तीसरे लिंग के तौर पर मान्यता दिलाने और मुफ्त यात्रा का निर्देश देने का अनुरोध किया गया था।
डीटीसी महिलाओं को गुलाबी रंग का टिकट जारी करती है जिसके माध्यम से वे मुफ्त में यात्रा कर सकती हैं।
न्यायमूर्ति मनमीत प्रीतम सिंह अरोड़ा ने टिप्पणी की कि छह महीने से अधिक समय तक कार्यवाही नहीं किया जाना ‘संभवत: बहुत अधिक है’ लेकिन अधिकारियों को पूर्व के निर्देश का अनुपालन करने के लिए एक और महीने का समय दिया जाता है।
Published : 25 April 2023, 7:02 PM IST
Topics : Delhi High Court transgender ट्रांसजेंडर दिल्ली सरकार हाई कोर्ट