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दिल्ली: जस्टिस यशवंत वर्मा के सरकारी बंगले से कथित तौर पर नकदी बरामद होने के मामले की जांच कर रहे दिल्ली हाईकोर्ट के मुख्य न्यायाधीश जस्टिस देवेंद्र कुमार उपाध्याय ने अपनी रिपोर्ट भारत के मुख्य न्यायाधीश जस्टिस संजीव खन्ना को सौंप दी है। सीजेआई इस जांच रिपोर्ट के आधार पर आगे की कार्रवाई करेंगे।
क्या है मामला?
डाइनामाइट न्यूज के मुताबिक, दिल्ली हाईकोर्ट के वरिष्ठ जज यशवंत वर्मा उस समय चर्चा में आए थे, जब उनके सरकारी आवास से भारी मात्रा में नकदी मिलने की खबर सामने आई। दरअसल, 14 मार्च को होली की रात जस्टिस वर्मा के लुटियंस दिल्ली स्थित सरकारी आवास में आग लग गई थी। उस समय जस्टिस यशवंत वर्मा घर पर नहीं थे और किसी काम से दिल्ली से बाहर गए हुए थे। उनके परिजनों ने आग बुझाने के लिए दमकल विभाग से मदद मांगी थी।
2021 को दिल्ली हाईकोर्ट में नियुक्त
दिल्ली दमकल विभाग ने तुरंत एक टीम जज के घर भेजी थी। इसके बाद मीडिया में खबरें आईं कि जस्टिस वर्मा के सरकारी बंगले में आग बुझाने के दौरान भारी मात्रा में नकदी देखी गई। जस्टिस वर्मा इस समय दिल्ली हाईकोर्ट में सेल्स टैक्स, जीएसटी, कंपनी अपील जैसे अहम मामलों की सुनवाई करने वाली बेंच का नेतृत्व कर रहे हैं। वे कोर्ट के दूसरे सबसे वरिष्ठ जज हैं। जस्टिस यशवंत वर्मा को 11 अक्टूबर 2021 को दिल्ली हाईकोर्ट में नियुक्त किया गया था।
Published : 22 March 2025, 1:19 PM IST
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